पति की लंबी उम्र के लिए रखा जाने वाले करवाचौथ के व्रत पर इस बार ग्रहों का अनूठा संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों की मानें तो 30 साल बाद करवाचौथ पर गुरू पूर्णसिद्धि योग बन रहा है। गुरुवार की शाम 5.28 बजे से शुक्रवार को भोर में चार बजे तक रहेगा। गुरुवार को गुरू पूर्णसिद्धि योग में ही शाम 8.15 बजे चंद्रोदय में महिलाएं करवा चौथ का विधि-विधान से पूजन करेंगी। मान्यता है कि इस योग में पूजन करने से विशेष फल मिलता है।
करवा चौथ का व्रत 17 अक्तूबर गुरुवार को है। आचार्य पं. आलोक मिश्र व प्रभाकरनाथ पांडेय ने बताया कि पूजन के लिए चंद्रोदय मुख्य होता है। चंद्रोदय होने पर महिलाएं सोलह श्रृंगार में भगवान चंद्रदेव को अर्घ्य देकर विधि-विधान से पूजा करतीं हैं। मुहूर्त एवं योग के लिहाज से इस बार करवाचौथ का व्रत विशेष माना जा रहा है।
पं. आलोक मिश्र बताते हैं कि करवा चौथ गुरू पूर्णसिद्धि योग में पड़ रहा है। यह योग गुरुवार को शाम 5.28 बजे से शुरू होगा और शुक्रवार को भोर में चार बजे तक रहेगा। गुरू पूर्णसिद्धि योग पूजन अनुष्ठान के लिए विशेष होता है। गुरुवार को शाम 8.15 बजे चंद्रोदय होगा। जिसमेें महिलाएं सोलह श्रृंगार संग भगवान चंद्रदेव को अर्घ्य देंगी। उन्होंने बताया कि यह योग 30 साल बाद आ रहा है।
बाजारों में तैयारी को लेकर जुटीं महिलाएं
करवाचौथ के व्रत को लेकर बाजारों में महिलाओं की भीड़ उमड़ रही है। आभूषण व कपड़ों की खरीदारी कर रही है। शहर के बाबागंज, पंजाबी मार्केट, मॉल आदि पर सुबह से लेकर शाम तक भीड़ देखी जा रही है।