मतदान सुबह सात बजे शुरू होगा और शाम छह बजे समाप्त होगा। हालांकि चुनाव आयोग ने यह भी कहा है कि अगर मतदाता लाइन में लगे हैं, तो उन्हें देर शाम तक मतदान कराया जाएगा।
मतदान केंद्र के 200 मीटर की परिधि में कोई भी व्यक्ति बाइक, वाहन लेकर नहीं जाएगा। दिव्यांग व्यक्तियों को लाइन में खड़े होने की आवश्यकता नहीं है। उनका मतदान प्राथमिकता पर कराया जाएगा। दिव्यांग व्यक्तियों के लिए मतदान केंद्र तक ट्राई साइकिल लेकर जाने की अनुमति होगी।
शाम को छह बजे तक होगा मतदान
मतदान सुबह सात बजे शुरू होगा और शाम छह बजे समाप्त होगा। हालांकि चुनाव आयोग ने यह भी कहा है कि अगर मतदाता लाइन में लगे हैं, तो उन्हें देर शाम तक मतदान कराया जाएगा।
वोटर लिस्ट में नाम कैसे देखें ----
अपना नाम वोटर लिस्ट में चेक करने के लिए आप https://Electoralsearch.in पर लॉगइन करें। सीधे लिंक पर क्लिक करके भी आप वेबसाइट पर जा सकते हैं। अगर वेबसाइट पर नहीं देख पा रहे तो आप एप स्टोर या गूगल प्ले स्टोर पर जाकर वोटर हेल्पलाइन ऐप (Voter helpline app) डाउनलोड करिए। इस एप पर आप वोटर लिस्ट में अपना नाम आसानी से चेक कर सकते हैं।
मतदाता पहचान पत्र नहीं होने पर विकल्प हैं मौजूद
1. पासपोर्ट
2. ड्राइविंग लाइसेंस
3. अगर आप सेंट्रल और स्टेट गवर्नमेंट के कर्मचारी हैं या फिर, PSUs और पब्लिक लिमिटेड कंपनी में काम कर रहे हैं तो कंपनी की फोटो आईडी के आधार पर भी मतदान किया जा सकता है।
4. पैन कार्ड
5. आधार कार्ड
6. पोस्ट ऑफिस और बैंक द्वारा जारी किया गया पासबुक।
7. मनरेगा जॉब कार्ड।
8. लेबर मिनिस्ट्री द्वारा जारी किया गया हेल्थ इंश्योरेंस कार्ड।
9. पेंशन कार्ड जिसपर आपकी फोटो लगी हो और अटेस्टेड हो।
10. नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (NPR) द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड।
11. सांसद, विधायक या विधान परिषद सदस्य की तरफ से जारी आधिकारिक पहचानपत्र।
किसी और ने आपका वोट डाल दिया तो करें टेंडर वोट
मतदान केंद्र पर पहुंचने पर अगर आपको यह पता चलता है कि आपका वोट पहले ही किसी ने डाल दिया है ,तो आप टेंडर वोट के जरिए उसे चुनौती दे सकते हैं। ऐसे परिस्थिति में आपको मतदान केंद्र पर मौजूद पीठासीन अधिकारी से शिकायत करनी होगी। पीठासीन अधिकारी आपसे जुड़े दस्तावेजों की पूरी जांच करेगा। यह जांच की जाएगी कि आपने जो दावा किया है क्या वह सही है। अगर आपका दावा सही निकलता है तो बैलेट पेपर के जरिए पीठासीन अधिकारी आपका टेंडर वोट डलवा सकता है। अगर आपका दावा गलत निकलता है तो फर्जीवाड़े के आरोप में आपको पुलिस के हवाले किया जा सकता है।