नोटबंदी के तीन माह बाद भी सराफा बाजार में मंदी छाई हुई है। सोने और चांदी की चमक गायब है। दामों में आ रही गिरावट ने आभूषण व्यापारियों के चेहरे से मुस्कान छीन ली है। वहीं दुकानों पर ग्राहक भी कम आ रहे हैं।
नवंबर माह में पीएम मोदी की नोटबंदी की घोषणा के बाद लोग परेशान हो गए थे। नोटबंदी के तीन माह बीतने के बाद भी ज्वैलरी बाजार पर छाई मंदी दूर नहीं हो सकी है। इस समय शादी-विवाह का मौसम चल रहा है, इसके बावजूद आभूषण के खरीदार नहीं दिखाई दे रहे हैं। सहालग के मौसम में जहां दुकानों पर भीड़ देखी जाती थी वहीं अब ज्वैलरी शाप पर छोटी खरीद वाले एक दो ग्राहक ही दिखाई दे रहे हैं।
ज्वैलरी के कारोबारी अश्वनी केसरवानी का कहना है कि नोटबंदी के बाद अभी भी आभूषणों के व्यापारी मंदी से उबर नहीं पा रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से सोने और चांदी का भाव में उछाल और गिरावट के कारण दुकानदार घबराए हुए हैं। उनको समझ में नहीं आ रहा है कि क्या करें। जब से नोटबंदी का असर हुआ है तभी से सोने-चांदी के दामों में उछाल उतना नहीं आया जितना इसके पहले था।