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देवी मंदिरों का बंद रहा कपाट, घर-घर पूजी गई मां शैलपुत्री

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Goddess temples remained closed, house worshiped mother Shailputri - फोटो : PRATAPGARH
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चैत्र नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना के साथ ही मां शैलपुत्री की घर-घर पूजा हुई। आवागमन ठप होने और देवी मंदिरों पर पुलिस का पहरा होने से भक्तों ने घरों में मां दुर्गा का मंदिर सजाया और विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। देवी मंदिरों के कपाट पूरी तरह बंद रहने के बाद भी पुलिस का पहरा रहा।
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जिले में 21 दिन का लॉकडाउन होने से बासंतिक नवरात्र में देवी मंदिरों में पूरी तरह सन्नाटा देखने को मिला। मां बेल्हादेवी मंदिर, चंद्रिकनधाम, मां शीतलाधाम कटरा, ज्वालादेवी मानिकपुर और मां बाराही देवी मंदिरों के कपाट बंद होने के बाद भी मंदिर के पास पहुंचने वालों को पुलिस ने डंडा पटककर भगाया।
बुधवार को नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना कर भक्तों ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। नौ दिनों तक निर्जला व्रत रहने वाले भक्त दिन भर घरों में रहकर आदिशक्ति मां दुर्गा की सेवा में लगे रहे।
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अधिकांश भक्त घरों में बैठकर देवीभागवत का वाचन करते रहे। घर से बाहर निकलने पर प्रतिबंध लगने के कारण लोग घरों में रहकर माता की श्रध्दा में कोई कमी नहीं छोड़ रहे हैं। इधर निर्जला व्रत रहने वाली महिलाएं घरों में देवीगीत गाकर मां को प्रसन्न करने का प्रयास करती रही।
चंद्रिकनधाम में चला पुलिस का डंडा
सिद्धपीठ मां चंद्रिकादेवी धाम में पुलिस के नोटिस लगाने के बाद भी बुधवार को कुछ युवा दर्शन करने पहुंच गए। यह देखकर पुलिस कर्मियों ने युवाओं से घर से बाहर निकलने का कारण पूछा। वह बोल पड़े कि दर्शन करने आए हैं। यह सुनकर पुलिसकर्मियों ने डंडे से पिटाई की और दोबारा नहीं दिखाई देने की चेतावनी दी।
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