रानीगंज-पट्टी मार्ग पर जामताली बाजार में मंगलवार की सुबह अचानक पुराना महुए का पेड़ दुकानों पर गिर गया। उसकी चपेट में कोचिंग जा रही छात्रा भी आ गई। यह देख आसपास के लोगों ने मशक्कत के बाद पेड़ के नीचे दबी छात्रा को बाहर निकाला। उसे उपचार के लिए अस्पताल में पहुंचाया। वहीं लोगों ने मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम को खरीखोटी सुनाई।
जामताली बाजार स्थित विशालकाय पुराना महुए का पेड़ गिरने से पुरानी जामताली के रहने वाले संजय सिंह की कोचिंग पढ़ने जा रही 16 वर्षीय बेटी कशिश चपेट में आकर दब गई। पेड़ गिरने के बाद बाजार में अफरा-तफरी का माहौल व्याप्त हो गया। लोग पेड़ के नीचे दबी कशिश को बाहर निकालने में मशक्कत करते रहे। करीब एक घंटे बाद उसे सकुशल देख लोगों ने राहत की सांस ली। उसे नजदीकी पीएचसी में भर्ती कराया गया। जबकि बाजार के रहने वाले राकेश मोदनवाल, विनय मोदनवाल, सूरज मोदनवाल, चंदन मोदनवाल, फिरोज अहमद की दुकान पेड़ के नीचे दबने से क्षतिग्रस्त हो गई। चंदन की स्कूटी व बाइक चकनाचूर हो गई। विद्युत पोल और तार भी टूट गए। गनीमत रही कि पेड़ गिरने से कोई जनहानि नहीं हुई। इससे आवागमन बाधित हो गया। जेसीबी की मदद से दो घंटे बाद दुकानदार पेड़ हटवा सके। जिसके बाद आवागमन बहाल हुआ।
संयोग ही कहा जाए कि मंगलवार को साप्ताहिक बाजार नहीं लगा था। भारी वाहन भी कोई सड़क से नहीं गुजर रहा था। लोगों ने कई बार पेड़ कटवाने के लिए वन विभाग से शिकायत की थी लेकिन समस्या का हल नहीं निकाला गया। हादसे की खबर मिलने के काफी देर बाद मौके पर पहुंचे वन विभाग के कर्मचारियों से बाजार के लोगों की तकरार भी हुई। टीम को महुए की लकड़ी नहीं ले जाने दिया। थानाध्यक्ष आदित्य सिंह ने बताया कि छात्रा चोटहिल थी। उपचार के बाद उसे परिजन घर ले गए।