नगर कोतवाली के खुशखुशवापुर में पिलर की सरिया में सूखने के लिए टंगे लोअर में झूलते समय गला कसने से 11 वर्षीय मानसी गौतम की मौत हो गई। जिससे परिजन सदमे में हैं। घटना के समय माता पिता घर से बाहर गए थे।
खुशखुशवापुर निवासी राजेंद्र गौतम ईरिक्शा चलाता है। वह अपने भाई के साथ एक ही मकान में रहता है। बृहस्पतिवार की शाम वह ईरिक्शा लेकर कमाने निकला था। उसकी पत्नी मनोरमा भी घर से बाहर गई थी। मकान में उसकी बड़ी बेटी नंदिनी, नैंसी, बेटा देवा व सबसे छोटी बेटी मानसी ही थी। मकान के दूसरी मंजिल के छत पर कपड़ा धोकर टांगा गया था। जिसे उतारकर मानसी अपने बहनों को देने के लिए नीचे आ गई। इस बीच मानसी बहनों व चचेरे भाई से छत पर खेलने के लिए चलने को कहा। किसी के न जाने पर वह अकेले छत पर चली गई। कुछ देर बाद चचेरा भाई सचिन छत पर गया तो दंग रह गया। पिलर की सरिया में टंगे लोअर के सहारे मानसी बेहोश मिली। छूते ही वह गिर गई। यह देख सचिन ने शोर मचाया। बहन व भाई पहुंचे तो उसकी हालत देख आनन-फानन में उपचार के लिए प्राइवेट चिकित्सक के पास ले गए। उसने जांच के बाद उसे मेडिकल कॉलेज भेजा। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी पर पिता व मां भी अस्पताल पहुंची। काफी देर बाद उसके गले पर कसाव के निशान देख चिकित्सक गला दबने से मौत की बात बताने लगे। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस छानबीन के बाद शव को मॉर्चरी भेजा। चौकी प्रभारी भंगवा चुंगी अंकित श्रीवास्तव ने बताया कि लोअर गांठ बांधकर पिलर के सहारे सरिया से टांगा गया था। लोअर में झूलने के दौरान गला कसने से उसकी मौत हो गई। पिता राजेंद्र भी बेटी की मौत को लेकर झूलने के दौरान घटना की बात कर रहा है। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने घर से कुछ दूरी पर स्थित कब्रिस्तान में शव को दफना दिया।