मानसिक बीमारी से परेशान एक युवती ने घर के भीतर फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। उसका शव पंखे से लटका मिला। उसे देख मां और बहन की चीख निकल गई। दोनों रोने लगीं। सूचना पर छानबीन के लिए पुलिस भी मौके पर पहुंची।
कंधई थाना क्षेत्र के ईसनपुर गांव में राकेश ओझा की बेटी प्राची ओझा (18) काफी दिनों से मानसिक बीमारी से परेशान थी। परिजनों के मुताबिक उसका इलाज भी कराया जा रहा था। बुधवार की देर शाम उसने घर के कमरे में पंखे के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के वक्त पिता टेंपो चलाने गए थे। मां और बहन घर के बाहर काम में व्यस्त थीं।
मां घर के भीतर पहुंचीं तो बेटी प्राची नहीं दिखी। वह उसे आवाज देते हुए कमरे में पहुंची तो उनकी चीख निकल गई। प्राची फंदे से लटकी थी। शोरगुल सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। उसे नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसका शरीर शांत हो चुका था। उसकी मौत पर मां और बहन रोने लगीं। टेंपो चलाकर पिता घर पहुंचा तो उसे प्राची का शव देखने को मिला। उनकी आंखों से भी आंसू निकल पड़े।
सूचना पाकर बृहस्पतिवार की सुबह मौके पर पहुंची कंधई पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। घर वालों से घटना के संबंध में जानकारी लेने के बाद मौके की औपचारिकताएं पूरी कीं। घर वालों ने बताया कि प्राची तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी थी। उसकी मौत से बड़ा भाई अंकित, मझली बहन महिमा सदमे में हैं। एसओ कंधई धीरेंद्र ठाकुर ने बताया कि प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि युवती ने आत्महत्या की है।