फेसबुक के माध्यम से पांच साल बाद एक किशोरी अपने घर पहुंच गई। सिपाही उसे लेकर घर पहुंचे तो उसकी खुशी दोगुनी हो गई। परिजन भी उसको पाकर फूले नहीं समा रहे हैं।
विहार बाजार निवासी झब्बू रोजी-रोटी के सिलसिले में बाहर रहता है। उसकी पत्नी घर पर बच्चों को संभालती है। पांच वर्ष पहले उसकी 12 वर्ष की बेटी हुसैनाबानो घर से घूमने निकली और घूमते-घूमते कन्नौज पहुंच गई। बोलने और सुनने में अक्षम होने के कारण उसे पुलिस ने नारी निकेतन भेज दिया। कुछ दिनों बाद कन्नौज के सदर एसडीएम सुनील कुमार ने उसकी फोटो फेसबुक पर डाली। यह क्रम उन्होंने बराबर बनाए रखा। इस बीच विहार के कुछ लोगों ने उसकी फोटो देखी तो घर में चर्चा की। इसके बाद उसकी फोटो दिखाकर पहचान कराई गई। पहचान होने पर फेसबुक के माध्यम से उसका पता भेजा गया। इसके बाद बाघराय थाने से कंन्फर्म करने के बाद एसडीएम ने लड़की को गुरुसाहबगंज कोतवाली के सिपाही अवधेश और रंजना के साथ बाघराय भेजा। वहां से उसके घर सिपाही किशोरी को लेकर पहुंचे तो घर के लोगों में खुशी छा गई। मां बीना का कहना था कि उसकी बच्ची सुनने-बोलने में अक्षम है। ऐसे में उसकी हमेशा फिक्र लगी रहती थी। फिलहाल उसके पांच साल बाद आने से गांव के लोगों में भी खुशी है।