नए साल में जिले को तोहफे के रूप में 30 नई गैस एजेंसियां खुलने जा रही हैं। दरअसल अभी तक जिले के 70 प्रतिशत परिवारों को ही गैस कनेक्शन मिल पाया है। 30 प्रतिशत शेष लोगों को गैस कनेक्शन मुहैया कराने और आसानी से गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने के लिए नई एजेंसियां खोली जा रही हैं।
गांव की महिलाओं को खाना बनाने के लिए चूल्हे से मुक्ति दिलाने की दिशा में पहल तेज कर दी गई है। इंडियन ऑयल के सर्वे के मुताबिक जिले के 70 प्रतिशत परिवारों को गैस कनेक्शन मुहैया करा दिया गया है। हालांकि उज्ज्वला गैस योजना लागू होने के पूर्व लाभार्थियों की संख्या मात्र 42 प्रतिशत थी। मगर सामाजिक, आर्थिक गणना में शामिल परिवारों को गैस कनेक्शन देकर सब्सिडी की राशि में समाहित करने के फैसले से कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं की संख्या बढ़कर 70 प्रतिशत पहुंच गई है। वर्ष 2018 के अंत तक विभागीय अधिकारियों ने इस आंकड़े को बढ़ाकर 95 प्रतिशत ले जाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए आने वाले साल में जिले में 30 नई गैस एजेंसियां खोलने का फैसला लिया है। इसमें इंडेन की 19 एजेंसियां होंगी। इसी तरह एचपी की 06 और भारत गैस की 05 एजेंसियां जिले में खोली जाएंगी। अफसरों को उम्मीद है कि इसके बाद ज्यादातर परिवारों को कनेक्शन मिल सकेगा।