जिले में कूड़े का निस्तारण करने के लिए 50 मीट्रिक टन की क्षमता का मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर महुली में बनकर तैयार है। आठ करोड़ की लागत से बने सेंटर को मई में नगर पालिका को हैंडओवर किया जाएगा। सड़क निर्माण पूरा होने पर सितंबर से एमआरएफ सेंटर का संचालन होने लगेगा।
नगर पालिका के 25 वार्डों समेत ग्रामीण अंचल से करीब रोजाना 30 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। पूरे केशवराय, गोपालापुर व महुली में कूड़े को इकट्ठा किया जाता है लेकिन क्षमता से अधिक कूड़ा होने से इसका निस्तारण नहीं हो पाता। एमआरएफ सेंटर के शुरू होने से कूड़ा निस्तारण आसानी से हो सकेगा।
नगर पालिका ईओ राकेश कुमार ने बताया कि एमआरएफ सेंटर महुली में बनवाया गया है। मशीनों के लिए निविदा निकाली गई है। अगले महीने कार्यदायी संस्था से एमआरएफ सेंटर हैंडओवर होगा। सितंबर तक एमआरएफ सेंटर की शुरुआत की जाएगी।
कूड़े से बनेगी बिजली और खाद
नगर पालिका ईओ ने बताया कि एफआरएफ सेंटर पर कूड़ा निस्तारित कर खाद बनाई जाएगी। साथ ही उपकरण लगाकर बिजली भी तैयार की जाएगी। नगर पालिका के कूड़े के साथ ही आसपास की नगर पंचायतों का कूड़ा एमआरएफ सेंटर में निस्तारित कराया जाएगा। इससे नगर पालिका का राजस्व बढ़ेगा। साथ ही शहर को स्वच्छ बनाने में मदद मिलेगी।
पंजाबी मार्केट, चिलबिला व सदर में निकलता अधिक कूड़ा
शहर के 25 वार्डों में सबसे अधिक कूड़ा पंजाबी मार्केट, चिलबिला व सदर बाजार में निकलता है। औसतन तीन जगहों पर हर दिन करीब एक मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। बाजार होने के कारण कूड़ा सड़कों पर फैला रहता है। सफाई नहीं होने से लोगों को आवागमन में परेशानी होती है।