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विश्वास था राम मंदिर बनेगा, इसीलिए दान कर दिए एक करोड़

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अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को महंत नृत्य गोपालदास को एक करोड़ का चेक देते प्रतापगढ़ के सियारा? - फोटो : PRATAPGARH
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विश्वास था राम मंदिर बनेगा, इसीलिए दान कर दिए एक करोड़
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बेल्हा के सियाराम ऊमरवैश्य ने एक साल पहले राम मंदिर निर्माण के लिए अयोध्या में महंत नृत्यगोपाल दास को सौंपा था एक करोड़ का चेक
प्रतापगढ़। अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए शहर के सियाराम ऊमरवैश्य ने 24 नंवबर 2018 को अयोध्या में राम जन्मभूमि न्यास के महंत नृत्य गोपालदास से मिलकर एक करोड़ रुपये का चेक सौंपा था। सियाराम ने यह धनराशि वर्षों पहले खरीदी गईं जमीनों को बेचकर इकट्ठा की थी। जोगापुर स्थित उत्तर प्रदेश बड़ौदा ग्रामीण बैंक में उस समय उनके खाते में एक करोड़, एक लाख 26 हजार सात सौ रुपये थे। 11 नवबंर 2018 को उन्होंने आखिरी बार अपनी पासबुक प्रिंट कराई थी।
शहर के भगवाचुंगी के पास स्थित सियारामराम कालोनी में रहने वाले सियाराम ऊमरवैश्य वर्ष 2018 में उस वक्त सुर्खियों में आ गए थे जब उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर केे निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये दान करने का ऐलान कर दिया था। वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के करीब 20 साल तक जिला संचालक रहे। राम मंदिर निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये दान करने की जानकारी उन्होंने सबसे पहले संघ के प्रांत प्रचारक रमेश जी को दी। उन्होंने राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास से बात की। महंत नृत्य गोपालदास ने 24 नवंबर 2018 को सियाराम को चेक के साथ अयोध्या बुलवाया। वहां सियाराम ने एक करोड़ का चेक उन्हें सौंपा। इस दौरान अयोध्या में आयोजित धर्म संसद में उन्हें सम्मानित किया गया था। सियाराम ऊमरवैश्य ने लंबे समय तक प्रापर्टी डीलिंग का काम किया। तीन साल पहले उन्होंने इस धंधे से पूरी तरह से दूरी बना ली और जोगापुर स्थित सीताराम धाम के पास तीन विस्वा जमीन बेंचकर 36 लाख रूपए जुटाए। उन्होंने करमचंदा मेें प्रापर्टी डीलिंग के दौरान खरीदी गई जमीन को 45 लाख रुपये में बेचा। कुछ रुपये उन्होंने बेटों से लिए। इस तरह उन्होंने एक करोड़ रुपये जुटाकर राम मंदिर निर्माण के लिए दान कर दिए। शनिवार को सुप्रीमकोर्ट का फैसला राम मंदिर के पक्ष में आने के बाद सियाराम ने कहा कि उन्हें विश्वास था कि अयोध्या में राम मंदिर बनेगा। इसलिए उन्होंने एक करोड़ रुपये दान कर दिए थे।
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पत्नी बेटे-और बहू ने नहीं किया था विरोध
सियाराम ऊमरवैश्य के घर में पत्नी के अलावा तीन बेटे और तीन बेटियां हैं। तीनों बेटे अपने-अपने व्यवसाय में लगे हैं। बड़ा बेटा वकील है तो दूसरा बेटा प्लाई और बिल्डिंग मैटेरियल का काम करता है। सियाराम के राम मंदिर निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये दान करने के निर्णय पर परिवार के किसी भी सदस्य ने विरोध नहीं किया। सियाराम ने बताया कि इसकी जानकारी होने के बाद बेटे-बहू सीताराम धाम आए और उनके साथ रहे।
स्कूल के लिए दान कर चुके हैं तीन बीघे जमीन
सियाराम ऊमरवैश्य इससे पहले 1985 में शहर से सटे सगरा में सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल के लिए भी तीन बीघे जमीन दान कर चुके हैं। इस जमीन को उन्होंने किसानों से 25 हजार में खरीदा था। जोगापुर में उन्होंने भव्य सीताराम धाम का भी निर्माण कराया है। इसके निर्माण में 25 लाख रुपये खर्च कर चुके हैं।
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लोकतंत्र सेनानी भी रह चुके हैं सियाराम
5 जून 1975 को देश में इमरजेंसी लगने के बाद सियाराम जेल भी गए। 14 नवंबर 1975 को वह जेपी आंदोलन में कूद पड़े थे। इस पर उन्हें जेल भेज दिया गया। छह महीने पंाच दिन वह जेल में रहे।
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