जिले के रसोई गैस उपभोक्ताओं को जनवरी माह से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर एलपीजी (डीबीटीएल) योजना का लाभ मिलना प्रारंभ हो जाएगा। इस योजना के प्रभावी होने से ग्राहकों को सब्सिडी की राशि सीधे खाते में भेजी जाएगी। तेल कंपनियों ने 40 बैंकों की सूची जारी कर ग्राहकों को आधार कार्ड से जुड़ने को कहा है।
गैस सिलेंडर की कालाबाजारी करने वाले एजेंसी संचालकों पर लगाम लगाने के लिए तेल कंपनियों ने सब्सिडी की राशि सीधे लाभार्थी के खाते में देने का फैसला लिया है। राष्ट्रीयकृत बैंकों सहित चालीस बैंकों की सूची जारी कर उपभोक्ताओं से आधार कार्ड बनवाकर निकट की शाखा में कागजात जमा करने को कहा गया है।
तेल कंपनियों ने गैस एजेंसी संचालकों को भी फार्म उपलब्ध कराने को कहा है। योजना के तहत ग्राहकों के मैसेज भेजकर बुकिंग कराते ही उनके खाते में सब्सिडी की धनराशि पहुंच जाएगी।
डीबीटीएल योजना लागू होने से एक नाम से एक ही कनेक्शन का लाभ ग्राहक उठा सकेंगे। एक से अधिक कनेक्शन होने पर वे स्वत: बंद हो जाएंगे। जिले के अधिकांश लोगों ने एक नाम से कई एजेंसियों से कनेक्शन ले रखा है।
तेल कंपनियों ने ग्राहकों को सब्सिडी देने के लिए चालीस बैंकों की सूची जारी की है, मगर उनमें जिला सहकारी बैंक का नाम नहीं है। इससे जिला सहकारी बैंक में खाता खुलवाने वाले ग्राहकों को अन्य बैंकों में खाता खुलवाना होगा।
डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर एलपीजी योजना जनवरी माह से प्रारंभ होगी। इस दौरान अप्रैल माह तक खाता और आधार नंबर नहीं देने वाले ग्राहकों को सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा।