प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गंगाजल की बिक्री डाकघरों से करने की घोषणा को अमलीजामा पहनाने का काम डाकविभाग ने शुरू कर दिया है। उत्तराखंड राज्य के ऋषिकेश इलाके से गंगाजल लेकर उसको प्यूरीफाइड बोतलों में पैक करके देशभर के डाकघरों में भेजा जाएगा। डाकघर के काउंटरों से गंगाजल की बोतलों बिक्री की जाएगी। प्रतापगढ़ डाकविभाग ने पत्र मिलने के बाद योजनाबद्ध तरीके से इसकी तैयारी शुरू कर दी है। जन-जन को गंगा के पवित्र जल की महत्ता बताने और उसको पहुंचाने के लिए भारत सरकार ने गंगाजल की योजना लांच की। इसके लिये उत्तराखंड के ऋषिकेश इलाके का चयन किया गया है। गंगाजल लोगों तक पहुंच सके इसके लिये डाकविभाग का सहारा लिया गया है। बोतलों की पैकिंग दो तरह की होगी। दोनों में गंगाजल की मात्रा के हिसाब से रेट भी निर्धारित कर दिया गया है। 210 एमएल की एक बोतल 15 और 410 एमएल गंगाजल की बोतल का रेट 22 रुपये रखा गया है। यह रेट डाकघर के काउंटर के लिये निर्धारित किया गया है।
अगर कोई गंगाजल अपने घर मंगाना चाहता है तो उसके अलग से कीमत चुकानी होगी। इस बारे में प्रधान डाकघर के अधीक्षक एसके पांडेय ने बताया कि इस आशय का पत्र आ चुका है। गंगाजल लोगों तक पहुंचाने की सारी तैयारियां कर ली गई है। जिन लोगों को भी बोतलों में गंगाजल चाहिए वे प्रधान डाकघर में आकर अपनी डिमांड दे सकते हैं। डिमांड को भेजने के बाद गंगाजल आ जायेगा। काउंटर पर 15 और 22 रुपये की बोतल मिलेगी। घर पर मंगवाने पर अलग से चार्ज देना होगा। जल ऋषिकेश से आयेगा। इनसेट- गंगाजल के लिए जाना पड़ता है इलाहाबाद और कुंडा अगर किसी को गंगाजल लेना होता है तो उसको यहां से इलाहाबाद जाना पड़ता है। इसके लिये उसको आने-जाने में काफी पैसा खर्च हो जाता है। अगर वह किसी दूसरे उद्देश्य से जा रहा है और गंगाजल लेकर आता है तो ठीक है। अगर केवल गंगाजल लेना है तो यात्रा भारी पड़ जाती है। अगर बस से जायेंगे तो कम से कम दो सौ रुपये रख लीजिये। ट्रेन से जायेंगे तब पर भी सौ रुपये गिरी हालत में खर्च हो जायेगा। इसके लिये अगर डाकघर का सहारा लिया जाय तो 15 रुपये में काम हो जाएगा। इनसेट- बोतल में खराब नहीं होगा जल जिस बोतल में गंगाजल को पैक करके दिया जायेगा वह पूरी तरह से शुुद्ध रहेगी। डाकविभाग का दावा है कि बोतल में रखा हुआ गंगाजल खराब नहीं होगा।