लूट, चोरी, छिनैती, पशु तस्करी, सुपारी किलर, मादक पदार्थों को बेचने वालों का गैंग पंजीकृत होगा। हिस्ट्रीशीट की कार्रवाई के साथ पुलिस उन पर शिकंजा कसेगी। अभी तक 11 गैंग पंजीकृत हुए हैं।
पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने जिले के थानों में पंजीकृत अभियोग और अपराध की समीक्षा करते हुए पेशेवर अपराधियों के आपराधिक इतिहास देखते हुए उनकी निगरानी व गैंग पंजीकृत करने का निर्देश दिया। इसके उपरांत जिले की पुलिस ऐसे बदमाशों को चिह्नित कर रही है।
कोतवाली देहात पुलिस ने फुलवरिया टेऊंगा के रहने वाले चोरी, लूट और मारपीट करने वाले शुभम सिंह उर्फ सफर सिंह, बड़नपुर बेलखरान के संदीप सिंह, नशीला पदार्थ बेचने वाले पूरे खुशई सिटकहा के महाबल सिंह, टेऊंगा निवासी चोरी, लूट, हत्या, नशीला पदार्थ बेचने में संलिप्त भुपियामऊ निवासी अनुज सिंह और फुलवरिया के ही पवन यादव के गैंग का पंजीकरण कर हिस्ट्रीशीट खोली है।
दूसरी ओर नगर कोतवाली पुलिस ने दहिलामऊ के रहने वाले लुटेरे सौरभ त्रिपाठी उर्फ राहुल, खजुरनी के संतोष पांडेय उर्फ मुन्ना पांडेय, देल्हूपुर के भवानीपुर के तिलक तिवारी उर्फ मुकुल्ले, कंधई पुलिस ने रामपुर कुर्मियान के साहेब अली, शकील व मंदाह के शहबाज उर्फ लोडर के खिलाफ कार्रवाई की है।
लूट, चोरी, हत्या समेत अन्य संगीन अपराधों में संलिप्त बदमाशों की हिस्ट्रीशीट खोलकर उनकी निगरानी की जाएगी। जरूरत पर उनके खिलाफ गैंगस्टर समेत अन्य कार्रवाई भी होगी।
दुर्गेश सिंह, एएसपी पूर्वी