कोरोना से संक्रमित गंभीर रूप से बीमार मरीजों का अब जिला अस्पताल में ही उपचार होगा। ऐसे गंभीर मरीजों के उपचार के लिए शासन से स्वास्थ्य विभाग को चार वेंटीलेटर मिले हैं। वेंटीलेटर के सहारे मरीजों का उपचार करने के लिए जिला अस्पताल के बेहोशी चिकित्सक को ट्रेनिंग भी दिला दी गई है। झांसी में प्रशिक्षण लेने के बाद वह अपनी ड्यूटी के लिए तैयार हैं।
कोरोना वायरस के संक्रमण की गिरफ्त में आने वाले गंभीर रूप से संक्रमित मरीजों को सांस लेने में दिक्कत होती है। उन्हें वेंटीलेटर की जरूरत होती है। अभी तक जिले में एक भी वेंटीलेटर नहीं था। जिसके चलते मरीजों को उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीधे एसआरएन भेजा जाता था। जिले में मरीजों की संख्या बढ़ते देख शासन ने स्वास्थ्य विभाग को चार वेंटीलेटर मुहैया कराए हैं।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि शासन से चार वेंटीलेटर कोरोना के गंभीर मरीजों के इलाज के लिए मिले हैं। अब जिला अस्पताल में ही लेवल टू वार्ड में वेंटीलेटर के जरिए गंभीर रूप से संक्रमित मरीजों को उपचार किया जाएगा।
जहां मरीजों की देखरेख जिला अस्पताल में तैनात चिकित्सक डा. आरसी दुबे करेंगे। उन्होंने वेंटीलेटर पर मरीजों के इलाज की ट्रेनिंग भी झांसी में ले ली है। जल्द ही वार्ड में वेंटीलेटर पर मरीजों को इलाज होने लगेगा। इससे संक्रमित गंभीर मरीजों को प्रयागराज नहीं भेजना पड़ेगा।
गंभीर मरीजों को लेकर परेशान होता था स्वास्थ्य विभाग
जिले में वेंटीलेटर न होने के कारण गंभीर रूप से बीमार मरीजों को लेकर स्वास्थ्य विभाग हलाकान होता रहता था। कोरोना वायरस की महामारी से पीड़ित लोगों के इलाज में वेंटीलेटर की जरूरत पड़ती है। ऐसे में वेंटीलेटर मिलने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है। अब गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग को परेशान नहीं होना पड़ेगा।