जिलाधिकारी को फर्जी नाम से पत्र भेजकर विकास खंड के शिक्षकों की छुपाई गई ड्यूटी का खुलासा करने का प्रयास किया गया। इसके बारे में जब जवाब मांगा गया तो शिक्षकों का नाम फीड करा दिया गया।
कुंडा बीआरसी केंद्र की शिकायत करते हुए एक पत्र भेजा गया था कि क्षेत्र में तैनात चार शिक्षकों की ड्यूटी छुपाई गई है। इसमें उपेंद्र यादव प्रधानाध्यापक देवीगढ़, नीतू यादव सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालय टेढ़ी पसियान, राम लखन यादव प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय पूरे दूलम और राम बदन यादव सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालय मझिलगांव का नाम शामिल था। इस पत्र के बारे में जब जिला निर्वाचन अधिकारी ने कुंडा एबीएसए से जवाब मांगा तो हड़कंप मच गया। पहले शिकायतकर्ता की तलाश हुई।
इस पर शिकायतकर्ता के रूप में दीवानी के अधिवक्ता खुर्शीद का नाम डाला गया था। जब उनसे बात की गई तो उन्होंने पत्र देखने के बाद बताया कि इस शिकायती पत्र पर न तो उनके दस्तखत हैं और न ही उन्होंने कोई शिकायत की है। हालांकि उन्होंने इसकी सूचना जिला निर्वाचन अधिकारी और कोतवाल कुंडा को पत्र देकर दे दी है। उधर, एबीएसए ने सभी शिक्षकों का नाम फीड कराकर इसकी सूचना जिला निर्वाचन अधिकारी को दे दी है।
फिलहाल इस शिकायती पत्र को चाहे जिसने भी भेजा हो लेकिन इससे शिक्षा विभाग की पोल खोलने का प्रयास किया गया था। इस बारे में एबीएसए रतनलाल ने बताया कि इस बारे में जवाब जिला निर्वाचन अधिकारी को दे दिया गया है। ज्यादा पूछताछ पर उन्होंने नाराजगी भी जताई।