चार वर्ष पूर्व संग्रामगढ़ इलाके के शिवपुर गांव में प्रधानी के चुनाव की रंजिश में दिनदहाड़े हुई हत्या के मामले में एडीजे महेश कुमार ने चार आरोपियों को आजीवान कारावास और 75-75 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। क्रास केस की सुनवाई करते हुए एडीजे ने दूसरे पक्ष के भी तीन लोगों को जानलेवा हमले में दस-दस साल की सजा सुनाई है। इन पर 25-25 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है।
वर्ष 2015 में हुए पंचायत चुनाव के दौरान शिवपुर गांव निवासी जितेंद्र कुमार मिश्र उर्फ नागराज की पत्नी प्रधान पद की उम्मीदवार थीं। दूसरे पक्ष से राकेश सिंह की पत्नी गायत्री सिंह चुनाव लड़ रही थीं। प्रधानी की सीट पर कब्जा जमाने को लेकर दोनों पक्षों में वर्चस्व की जंग छिड़ी थी। वादी जितेंद्र कुमार मिश्र उर्फ नागराज ने संग्रामगढ़ थाने में केस दर्ज कराया था कि 12 नवंबर 2015 को वह अपने पिता बलदेव मिश्र व भाई नरेंद्र के साथ प्रचार कर रहे थे।
मुर्तजापुर में बृजलाल की दुकान के सामने दोनों पक्ष सुबह आठ बजे आमने-सामने आ गए। इस बीच राकेश सिंह, विनय सिंह और भानु सिंह बाइक से हाथ में बंदूक, हाकी व राड व कट्टा लेकर पहुंचे और गालीगलौज करते हुए सभी को पीटने लगे। उनके पिता बलदेव मिश्र के सिर पर राड से प्रहार कर दिया। इससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
इस मामले में कोर्ट ने सुनवाई के बाद आरोपी राकेश सिंह, विनय सिंह, भानू सिंह और जगदीश सिंह को हत्या का दोषी पाया। सभी को आजीवन कारावास और 75-75 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। इधर एडीजे कोर्ट ने क्रास केस की सुनवाई करते हुए जितेंद्र कुमार मिश्र उर्फ नागराज, धर्मेंद्र मिश्र, रज्जन मिश्र को जानलेवा हमले में दोषी पाते हुए दस-दस वर्ष के कारावास और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। एडीजीसी मनोज कुमार सिंह ने अभियोजन पक्ष की पैरवी की।