दो साल पहले नगर कोतवाली से साढ़े छह क्विंटल गांजा गायब होने के मामले में फरार चल रहे पूर्व शहर कोतवाल को लखीमपुर पुलिस ने हिरासत में लेकर कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया। सीओ सदर ने पूर्व कोतवाल को न्यायालय में पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
वर्ष 2015 में एसटीएफ और नगर कोतवाली पुलिस ने उड़ीसा से लाया गया साढ़े छह क्विंटल गांजा बरामद करते हुए आरोपियों को जेल भेजा था। तत्कालीन नगर कोतवाल हरिपाल सिंह यादव ने बरामद गांजा को अपने आवास के बगल कमरे के मालखाने में रखवाया था। जेल भेजे गए आरोपियों की जमानत के दौरान बरामद गांजा न्यायालय में पेश नहीं किया जा सका।
जिसके चलते कोर्ट ने नाराजगी जताई थी। मामले को लेकर आरोपी हाईकोर्ट चले गए थे। वर्ष 2018 में कोतवाली के हेडमोहर्रिर मिर्जा मसर्रत अली ने इस मामले में पूर्व कोतवाल हरिपाल सिंह यादव व दीवान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। कोतवाली में दर्ज मुकदमे की विवेचना सीओ सदर रेनू उपाध्याय कर रही थीं। कुछ दिनों पहले आरोपी दीवान अपनी जमानत करा चुका था।
इस मामले में आला अधिकारियों की नाराजगी जताने पर लखीमपुर पुलिस ने सेवानिवृत्त हो चुके पूर्व कोतवाल हरिपाल सिंह को मंगलवार को हिरासत में ले लिया। बुधवार को लखीमपुर की पुलिस पूर्व कोतवाल हरिपाल सिंह को लेकर जेठवारा पहुंची। वहां पूछताछ के बाद सीओ सदर ने पूर्व कोतवाल को न्यायालय में पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। जेल में अधिक बंदियों के चलते उन्हें अस्थायी जेल में रखा गया है। जेल अधीक्षक आरपी चौधरी ने बताया कि पूर्व कोतवाल को अस्थायी जेल में कोरोना के चलते एहतियात के तौर पर रखा गया है। सीओ सदर रेनू उपाध्याय ने पूर्व कोतवाल की गिरफ्तारी की बाबत कुछ भी बताने से इनकार कर दिया।
संदिग्ध हालत में जलने से विवाहिता की मौत
संदिग्ध हालत में विवाहिता की आग से जलकर मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जेठवारा थाना क्षेत्र के लक्ष्मणपुर निवासी राधा तिवारी (28) पत्नी सत्येंद्र तिवारी की मंगलवार की शाम संदिग्ध हालत में आग से जलने के कारण मौत हो गई। मृतका के मायके से पहुंची मां सुषमा पांडेय ने बेटी की हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम हाउस पर भी मायके व ससुरालवालों के बीच हंगामा होता रहा।