विकास की ढह चुकी दीवार का विधानसभा बाबागंज जिंदा मिसाल है। जर्जर सड़कें, यातायात व चिकित्सा की अव्यवस्था, पानी की घोर किल्लत एवं बिजली की बदतर आपूर्ति और बेरोजगारी की जटिल समस्याओं से क्षेत्र की जनता कराह रही है। सुरसा की तरह सिर उठाए खड़ी इन समस्याओं से लोगों को निजात दिलाने की बाबत क्षेत्रीय विधायक भी कुछ खास नहीं कर सके। इलाके के लोग दबी जुबान बहुत कुछ कहते हैं। बात मुंह खोलने व खुलकर सामने आने की आती है तो वे भी दुबक जाते हैं। बुदबुदाते हुए वे कहते हैं कि इन्हीं समस्याओं से निजात दिलाने का दावा कर चुनाव में विधायक ने जनता का वोट बटोरा था। जीत के बाद वे जनता से किए गए वादे को बिसर गए।
विधानसभा बाबागंज में सड़कों की जर्जर स्थिति आज तक नहीं सुधर सकी जबकि विधानसभा चुनाव हुए तीन साल बीत गए। झींगुर से जलेशरगंज मार्ग काफी जर्जर है।
गड्ढे हो गए हैं। बारिश में इन गड्ढों में पानी भर जाता है। आए दिन इस जर्जर सड़क पर हादसे होते रहते हैं। यही हाल लखपेड़ा से अवसानगंज सड़क का भी है। अवसानगंज से हिसामपुर व हीरागंज से बाबागंज और लक्ष्मीगंज से गोगहर एवं महेशगंज से रायगढ़ तक की सड़क भी काफी जर्जर है। रात में तो दूर इन सड़कों पर दिन में भी चलना जोखिम भरा रहता है। महेशगंज से चेतरा सड़क भी काफी खराब है। डेरवा से बाबूगंज मार्ग और डेरवा बाजार से जगेशरगंज मार्ग की भी गिट्टियां उखड़ी हुई हैं। मानिकपुर से कुसुवापुर लवाना तक की सड़क भी खराब है। विधायक पर उपेक्षा की तोहमत लगा रहे लोगों का कहना है कि विधानसभा बाबागंज मुख्यालय से एक भी रोडवेज बस कहीं के लिए नहीं चलती।
बहुत पहले इलाहाबाद से बाबागंज तक एक बस चल रही थी वह भी बंद हो गई। हीरागंज, राजापुर, महेशगंज, लखपेड़ा, बाबागंज सहित अन्य क्षेत्रों में एक भी पानी की टंकी नहीं है। आजादनगर बाजार में जलनिगम की बनी टंकी तीन साल बाद भी नहीं चालू हो सकी। जर्जर भवन में चल रही पीएचसी भी सुविधाओं अभाव में जूझ रही है। विहार ब्लॉक का कुछ हिस्सा बाबागंज में है। जहां बनी पशु अस्पताल भी जर्जर है। डीआरडीए की रिपोर्ट के मुताबिक इस वर्ष 2014-2015 में निधि में मिले डेढ़ करोड़ में से विधायक ने एक करोड़ 16 लाख रुपया जनहित में खर्च किया। बाकी 34 लाख रुपया वे पूरा साल बीत गया विकास कार्यों पर खर्च नहीं कर सके जबकि वे चाहते तो बचे हुए पैसे एक दो ही सड़कों जर्जर सड़कों का निर्माण जरूर हो जाता।
बाबागंज विधायक विनोद सरोज का दावा है कि उन्होंने क्षेत्र की जर्जर सड़कों के निर्माण का कार्य जल्द शुरू करा देंगे। नाली, खड़ंजा, विद्युतीकरण व असाध्य रोगी के इलाज के लिए वे प्रस्ताव दिए हैं। आजादनगर बाजार में जलनिगम की उपेक्षित बनी टंकी के बारे में उन्होंने कहा कि वह जिला योजना की बैठक में इस समस्या की बात प्रभारी मंत्री सुरेन्द्र सिंह के सामने उठाए थे। उन्होंने जलनिगम के एक्सईएन को टंकी चालू कराने का निर्देश दिया था। उनका दावा यह भी है कि वह क्षेत्र की तमाम सड़कों का निर्माण करा चुके हैं। इस वर्ष उन्होंने 35 लाख का प्रस्ताव दिया है। उनके अनुसार 9 असाध्य रोगियों के लिए 10,86,000, नाली-खड़ंजा के लिए 18,19,800, पांच विद्यालयों में भवन के लिए 10 लाख, बिजली के लिए 92,60,000 रुपये दिए हैं।