जिले के सात वन क्षेत्रों में स्थित झील और तालाबों के किनारे सारसों की मौजूदगी का पता लगाने के लिए वन कर्मी मंगलवार को झील व तालाब के किनारे पहुुंचे। दूसरे दिन भी सुबह व शाम के समय वनकर्मियों ने सारसों की गणना की। इस बार विभागीय अधिकारी सारस की अधिक मौजूदगी की उम्मीद लगाए हुए हैं।
जिले के कुंडा, लालगंज, पट्टी समेत सात वन क्षेत्रों में दो दिनों तक सारसों की गणना के लिए हर वन क्षेत्र में वन अधिकारी व तीन-तीन वनकर्मी लगाए थे। वन अधिकारी बृहस्पतिवार तक सारसों की गणना की रिपोर्ट डीएफओ कार्यालय भेजेंगे। इसके बाद जिले में सारसों की मौजूदगी का पता चल सकेगा। डीएफओ सारसों की गणना की रिपोर्ट मुख्यालय भेजेंगे।
वनकर्मियों ने झील और तालाब के किनारे सारसों की फोटो को मोबाइल में कैद कर जियो टैगिंग की। उच्च अधिकारियों फोटो को विभागीय वेबसाइट पर अपलोड किया है। डीएफओ जेपी श्रीवास्तव ने बताया कि जिले के वन क्षेत्रों में सोमवार व मंगलवार को सारसों की गणना की गई। वनअधिकारियों की रिपोर्ट मिलने के बाद सारस की संख्या का पता चलेगा। सारसों की रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी।