Forest Department will save green trees from hires
प्रतापगढ़। होलिका तैयार करने के लिए गांवों में अंधाधुंध हरे पेड़ की कटान पर अंकुश लगाने को वन विभाग ने कमर कस ली है। सभी सात रेंजर जोन में उड़नदस्तों की तैनाती होगी। यह टीमें रात-दिन होरियारों पर नजर रखेंगी।
होली के पर्व को महज 10 दिन रह गए हैं। बाजार में दुकानों पर पिचकारी, रंग, अबीर, गुलाल आदि की बिक्री भी शुरू हो गई है। वहीं, गांवों मेें होलिका की तैयारी तेज हो गई है। वैसे तो बसंत पंचमी के पर्व से होलिका लगाई जाने लगती है। होली पर्व से पांच दिन पूर्व होलियारे इसको व्यापक रूप देते है। होलिका लगाने में जिले के रानीगंज, पट्टी, कुंडा, सदर, सडवाचंद्रिका, लालगंज सहित सभी रेंज में हरे पेड़ों की सबसे ज्यादा कटाई की जाती है। रात में होलियारों की टीम चोरी छिपे हरे पेड़ की कटाई कर होलिका स्थल पर ले आती है। मगर इस बार वन विभाग ने हरे पेड़ की सुरक्षा के लिए विशेष पहल की है। होलियारों पर नजर रखने के लिए उड़नदस्ते बनाए गए हैं।
विभाग का कहना है कि टीमें सभी जोन पर तैनात रहेंगी। इनके साथ पुलिस बल भी होगा। उड़नदस्ते होली पर्व के पांच दिन पूर्व से ही अपने-अपने जोन पर निगरानी शुरू कर देगी। हरे पेड़ काटते पकड़े जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। डीएफओ बीआर अहिरवार ने बताया कि हरे पेड़ों की सुरक्षा एवं सरंक्षण हम सबकी जिम्मेदारी है। होली भाईचारे व आपसी सौहार्द्र का त्योहार है। होलिका दहन के नाम पर हरे पेड़ों को काटना ठीक नहीं है।