फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Govardhan Puja 2022 : प्रकृति के संरक्षण के लिए कन्हैया ने कराया गोवर्धन पूजा, इंद्र के अहंकार को किया था नष्ट

Wed, 26 Oct 2022 08:44 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़

सार

इंद्र के अहंकार को नष्ट करने के लिए प्रकृति को संरक्षण देने के लिए प्रकृति के महत्त्व एवं पर्यावरण की सुरक्षा के लिए सात वर्ष के कन्हैया ने सात कोस के गिरिराज जी को सात दिनों तक अपने बाएं हाथ की छोटी उंगली पर धारण करके सात दिनों तक होने वाली अखंड जल वृष्टि से गोपवालों की रक्षा किया था।
विज्ञापन
Prtatapgarh : शिवजीपुरम स्थित रामानुज आश्रम में गोवर्धन पूजा करते श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सर्वोदय सद्भावना संस्थान द्वारा रामानुज आश्रम शिवजी पुरम में विधि- विधान से गोवर्धन पूजा हुआ। धर्माचार्य ओमप्रकाश पांडे अनिरुद्ध रामानुज दास ने भगवान शालिग्राम  का दूध, दही, घी, शक्कर, मधु एवं गंगा जल से अभिषेक कराया। 

विज्ञापन



धर्माचार्य ओम प्रकाश पांडेय ने बताया कि 5242 वर्ष पूर्व भगवान गोवर्धन की पूजा आज ही के दिन कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को भगवान कन्हैया ने नंद बाबा सहित गोप वालों के द्वारा संपन्न कराई थी। पहले गोकुल वासी इंद्र की पूजा किया करते थे।


इंद्र के अहंकार को नष्ट करने के लिए प्रकृति को संरक्षण देने के लिए प्रकृति के महत्त्व एवं पर्यावरण की सुरक्षा के लिए सात वर्ष के कन्हैया ने सात कोस के गिरिराज जी को सात दिनों तक अपने बाएं हाथ की छोटी उंगली पर धारण करके सात दिनों तक होने वाली अखंड जल वृष्टि से गोपवालों की रक्षा किया था। इंद्र ने भगवान का अभिषेक किया और साष्टांग प्रणाम करके गोविंद नाम से स्तुति किया। इस अवसर पर नारायणी रामानुज दासी, बद्री प्रसाद मिश्रा, डॉक्टर अंकिता पांडेय,  इंजीनियर पूजा पांडेय, माताफेर मौर्य  उपस्थित रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें