जिले में मौत बांट रहे डेंगू के मादा एंडीज मच्छरों के खात्मा के लिए स्वास्थ्य महकमा एकमात्र फागिंग मशीन के भरोसे है। विभाग इसी मशीन के भरोसे जिले भर में मच्छरों को ढूंढकर मारने का अभियान चलाने का दावा कर रहा है। विभाग अपने इस दावे से खुद घिर गया है। अंदाजा लगाया जा सकता है कि एक मशीन से कहां-कहां फागिंग की जा सकती है। हालांकि सीएमओ का कहना है कि शासन से और मशीनों की मांग की गई है, लेकिन वह कब तक आएंगी, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। सीएमओ मलेरिया विभाग की टीम के साथ मंत्रणा करने में जुटे हैं।
दरअसल, जिले में डेंगू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। एक दिन पहले कुुंडा और लालगंज इलाके में डेंगू की चपेट में आने से दो लोगों ने दम तोड़ दिया। इसके पहले दर्जन भर लोगों की जान मच्छर ले चुके हैं। पहले तो स्वास्थ्य महकमा जिले में डेंगू के मच्छरों की मौजूदगी को ही सिरे खारिज करता रहा। मगर सिलसिलेवार हुई मौतों और डेंगू की पुष्टि को नकारा नहीं जा सका। सीएमओ ने माना कि जिले में डेंगू के मच्छर हैं। उसके बाद से ही मच्छरों से घबराए स्वास्थ्य महकमे ने इनके सफाये के लिये रणनीति बनाना शुरू कर दी। सूत्रों की मानें तो मौजूदा स्थिति में स्वास्थ्य महकमे के पास केवल एक ही फागिंग मशीन है। उसी के सहारे मच्छरों को निपटाने की कवायद शुरू की जा रही है। सीएमओ डॉक्टर यूके पांडेय ने बताया कि फिलहाल एक फागिंग मशीन से इसकी शुरुआत कराई जायेगी। बाकी चार मशीनों की डिमांड भेजी जा रही है। चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री से भी मशीनें दिलाये जाने का आश्वासन मिला है।
इस तरह से होगा मच्छर का सफायाःडेंगू, मलेरिया के साथ -साथ चिकनगुनिया का प्रकोप फैलाने वाले मच्छरों पर भी स्वास्थ्य महकमे की नजर है। इनके सफाये की योजना बनाई जा रही है। इसके लिये माइलाथियान टेक्निकल दवा का इस्तेमाल होगा। मच्छर जनित इलाके में इस दवा को डीजल के साथ मिलाकर फागिंग मशीन के सहारे छिड़काव किया जायेगा।