इससे निचली सतह पर बने दो दर्जन मकानों में रहने वाले लोग अपनी गृहस्थी का सामान समेट कर दूसरा ठिकाना खोजने लगे हैं। बस्ती में पानी घुसने से इलाके में रहने वाले लोगों में हड़कंप है।
बेल्हा में सई नदी उफान पर है। हर घंटे नदी के जलस्तर में इजाफा होता जा रहा है। बेल्हा देवी मंदिर के बगल निचली सतह पर मकान बनाकर रहने वाले दो दर्जन मकानों के भीतर बृहस्पतिवार को बरसात का पानी घुस गया। ऐसे लोग अपने रहने के लिए नया ठिकाना खोजने लगे हैं। गृहस्थी का सामान खराब होने से बचाने के लिए मकानों में रहने वाले लोग उसे सुरक्षित करने में गुरुवार की सुबह से पसीना बहाते रहे। कई ने तो मकान की छतों पर सामान पहुंचा दिया।
उधर कई लोग सामान परिचितों के घर पहुंचाने में जुटे रहे। सई नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखकर लोगों में हड़कंप है। जानकारों का कहना है कि नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो एक-दो दिन में पानी सैकड़ों परिवार को बेघर कर सकता है। उधर जिला प्रशासन भी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। सभी थानेदारों को अलर्ट कर दिया गया है।सदर बाजार वार्ड में बेल्हा देवी के करीब निचले स्तर पर बसे लोगों के लिए सई नदी का उफान परेशानी का सबब बन चुका है। लोगों का मकान और आने जाने वाला रास्ता भी बंद हो गया है।
बारिश से आधा दर्जन मकान जमींदोज
कुंडा/ परियावां(ब्यूरो)। तीन दिन से लगातार हो रही बारिश से बुधवार शाम बारिश के कारण आधा दर्जन घर गिर गए। काजीपुर कुसेमर के बम्बई पटेल, संतोष सिंह, छेदी पटेल, धर्मेन्द्र सिंह, निमरू पटेल, कल्लन सिंह, श्यामलाल पटेल के मकान बरसात से गिर गए। उधर, परियावां के नहर कोठी गांव निवासी हरिश्चंद्र के मकान पर एक पेड़ गिर गया। इससे उसकी पत्नी जलसा देवी गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जेठवारा में भी बारिश से ढहे छह मकान
शमशेरगंज(ब्यूरो)। बारिश की जद में आने से जेठवारा में आधा दर्जन मकान जमींदोज हो गए। क्षेत्र के हरिहरपुर कैलहा निवासी ज्ञान सिंह, बनकटी निवासी रामरती पत्नी ओम प्रकाश, शाहमनी देवी पत्नी अयोध्या विश्वकर्मा, अजय कुमार पुत्र समर बहादुर सिंह निवासी हरिहरपुर कैलहा, रामसनेही विश्वकर्मा निवासी फूलपुर और सहरुल निशा पत्नी बशीर अहमद निवासी सरबाजपुर का कच्चा मकान बुधवार की रात बरसात के चलते गिर गया। जिससे सभी का परिवार आसमान के नीचे आ गया। लोगों की गृहस्थी भी मलबे में दबने से बर्बाद हो गई। गांव के लोगों की मदद से सभी परिवारों को दो जून की रोटी मिल सकी।हालांकि इन परिवारों को अभी तक जिला प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं मिली।