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रजवाड़ों के जिले में पांच अनाथ बच्चे दाने-दाने को मोहताज

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मंगरौरा ब्लाक के बरियार क पुरवा हथसारा गांव में टूटी झोपड़ी बनाने के लिए सरपत रखते अनाथ बच्चे। - फोटो : PRATAPGARH
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रजवाड़ों के जिले में पांच अनाथ बच्चे दाने-दाने के लिए मोहताज हैं। जिले के तीन मंत्री, दो सांसद, छह विधायक और एक एमएलसी भी बेसहारा बच्चों को सिर छिपाने के लिए आवास नहीं दिला पा रहे हैं। अनाथ बच्चे हर दिन दूसरों के आगे हाथ फैलाने के लिए मजबूर हैं।
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मंगरौरा विकासखंड के बरियार का पुरवा (हथसारा) में रिक्शा चलाकर जीवनयापन करने वाले मोहनलाल यादव की मौत के बाद उसके पांच बच्चे ज्योति, पवन, चंदन, करन और खुशी का जीवन नरक बन गया है। मां तीन साल पहले ही कहीं चली गई थी। अब बच्चों का भविष्य अंधकार में डूबा है। वह रहने और खाने के लिए दूसरों के आगे हाथ फैलाने को मजबूर हैं।
कभी कोटेदार से राशन मिलता है तो कभी ग्रामीण मदद करते हैं। घास-फूस की झोपड़ी पर पॉलिथीन डालकर रहने वाले बच्चों को तन ढकने के लिए कपड़े भी दूसरों से मांगने पड़ रहे हैं। पात्र होने के बाद भी उसके पिता को प्रधानमंत्री आवास नहीं दिया गया। उसके नाम से एक धूर भी जमीन नहीं है। अंत्योदय कार्ड भी नहीं बनाया गया।
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जबकि जनपद से तीन कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह, महेंद्र सिंह व स्वामी प्रसाद मौर्य सरकार की विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की अगुवाई कर रहे हैं। इसके अलावा सांसद संगमलाल गुप्ता, सांसद विनोद सोनकर, विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजाभैया, विधायक बाबागंज विनोद सरोज, विधायक विश्वनाथगंज, विधायक सदर राजकुमार पाल, विधायक रानीगंज धीरज ओझा व विधायक रामपुर आराधना मिश्रा मोना के अलावा एमएलएसी अक्षयप्रताप सिंह गोपालजी को भी इन बच्चों की पीड़ा नहीं दिख रही है। तभी तो इन बच्चों को पात्र होते हुए भी सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
अनाथ बच्चों के सिर पर छत देने के लिए आगे आए लोग
मंगरौरा विकासखंड के बरियार का पुरवा (हथसारा) के पांच अनाथ बच्चों का घर बनवाने के लिए अब आम लोग आगे आ रहे हैं। भले ही इन बच्चों को प्रधानमंत्री आवास का लाभ नहीं मिल पा रहा है, मगर भाकियू नेता सत्यनारायण यादव के प्रयास से कोई ईट तो कोई मोरंग व सीमेंट देने को तैयार है। जिससे बच्चों को सिर छिपाने के लिए जगह मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
रिक्शा चलाकर परिवार का गुजर-बसर करने वाला मोहनलाल प्रधानमंत्री आवास के लिए प्रधान व सेक्रेटरी के चक्कर लगाता रहा, मगर पात्रता सूची में नाम न होने की बात करते हुए उसे आवास नहीं दिया गया। उसकी मौत के बाद पांच बच्चे भी दूसरों के आगे हाथ फैलाने को मजबूर हो गए।
उनकी मदद के लिए भारतीय किसान यूनियन के नेता सत्यनारायण यादव ने कदम बढ़ाया। अनाथ बच्चों को छत देने के लिए वह लोगों से मदद मांग रहे हैं। उनके प्रयास से जैतीपुर कठार के रहने वाले रामचंद्र ने एक ट्राली रेता और पूरे अंती के प्रधान राजू यादव ने आधी ट्राली गिट्टी और ईट देने का वादा किया है।
एलआईयू इंस्पेक्टर ओपी सिंह ने बच्चों की मदद के लिए दस बोरी सीमेंट का योगदान देने का भरोसा दिलाया। बांसी के क्षेत्र पंचायत सदस्य राजेंद्र व समाजसेवी रोशनाल ऊमरवैश्य ने भी सीमेंट देने का वादा किया है। आनंद प्रसाद यादव ने मोरंग देने का आश्वासन दिया है। उधर, बुधवार को अनाथ बच्चे अपने कच्चे मकान के रखने के लिए सरपत जुटाते रहे।

मंगरौरा ब्लाक के बरियार क पुरवा हथसारा गांव में टूटी झोपड़ी के बाहर बैठे अनाथ बच्चे।- फोटो : PRATAPGARH

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