Five months of education session passed, children studying without books
शिक्षा सत्र के पांच बीतने के बाद भी बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में किताबें नहीं पहुंची हैं। बच्चे बिना किताबों के ही पढ़ाई कर रहे हैं। हिंदी मीडियम की कुछ किताबें आई भी हैं तो ठेकेदार ने एनपीआरसी केेंद्रों पर रखवा दिया है। उन्हें शिक्षकों को स्वयं ले जाना है।
बाबागंज बीआरसी केंद्र बहोरिकपुर के अंर्तगत 169 विद्यालयों का संचालन हो रहा है। इन स्कूलों में करीब सत्रह हजार बच्चे पढ़ रहे हैं। अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों की किताबें अभी तक नहीं आ सकी हैं। हिंदी माध्यम के बच्चों के लिए कुछ किताबें आईं तो ठेकेदार एनपीआरसी पर भेजकर शिक्षकों से ले जाने का दबाव बना रहे हैं।
एक दर्जन से अधिक इंग्लिश मीडियम स्कूलों के बच्चों को एक भी किताब नहीं मिली है। बिना किताबों के ही बच्चे पढ़ रहे हैं।
बीते सत्र में 54 हजार में हुआ था टेंडर, हर स्कूल में पहुंची थी किताब
शिक्षण सत्र 2021-22 में 54 हजार रुपये में विद्यालयों में किताबें पहुंचाने का ठेका हुआ था। तत्कालीन बीईओ कोमल यादव ने ठेकेदार को हर विद्यालय में किताबें पहुंचाने का निर्देश दिया था। इस बार ठेका तो बढ़ाकर दिया गया है, लेकिन किताबें विद्यालयों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। इससे शिक्षकों में रोष है।
वर्जन
किताबें वितरित की जा रही हैं। एक ही दिन में ठेकेदार हर जगह नहीं पहुंच सकता है। किताबें वितरित करवाकर शिक्षकों से रिसीविंग ली जा रही है। ऋचा सिंह, खंडशिक्षाधिकारी, बाबागंज