दिलीपपुर पुलिस ने भी उसी के साथ बर्बरता दिखाई, जिसके साथ पड़ोसियों ने ज्यादती की। हमले में मरणासन्न युवक को उपचार के लिए प्रयागराज भेजा गया। तो वहीं पुलिस ने मारपीट में घायल परिवार वालों पर भी बेल्ट बरसाया। जिससे वे सहमे हुए हैं। पुलिस की मनमानी से पीड़ित परिवार ने एएसपी से मिलकर न्याय की गुहार लगाई।
दिलीपपुर थाना क्षेत्र के रसोइया निवासी सहाबुद्दीन का आरोप है कि सोमवार को विवादित जमीन पर कब्जा करने से रोकने पर पड़ोसियों ने उसके बेटे महबूब अली पर हॉकी व सरिया से जानलेेवा हमला कर दिया। उसे बचाने दौड़े चाचा अलाउद्दीन, भाई महफूज आलम व एजाजुद्दीन पर भी विरोधियों ने हमला किया। बेहोश महबूब को उपचार के लिए परिजन तैयारी कर रहे थे। तभी दिलीपपुर पुलिस पहुंची और सभी को लेकर थाने गई। वहां पुलिस ने महबूब को उपचार के लिए सीएचसी भेजा।
जहां उसकी हालत गंभीर देख प्रयागराज रेफर कर दिया। आरोप है कि दिलीपपुर पुलिस ने विरोधी पक्ष के कुछ लोगों को भी पकड़ लाया। इसके बाद घायल एजाजुद्दीन, अलाउद्दीन व महफूज को बेल्ट से जमकर पीटा। दिलीपपुर पुलिस की बर्बरता की निशानी तीनों के शरीर पर नजर आ रहा है। पुलिस की कार्रवाई से नाराज सहाबुद्दीन ने बुधवार को अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी दुर्गेश सिंह को दास्तान सुनाई। युवकों के शरीर पर पुलिस के बेल्ट के निशान देख एएसपी ने थानाध्यक्ष को फोन कर नाराजगी भी जताई। उन्होंने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि न्यायोचित कार्रवाई होगी।