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Pratapgarh News: जमीन विवाद में फायरिंग, युवक को लगी गोली

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देल्हपुर थाना क्षेत्र के खमपुर गांव में दो पक्षों के बीच जमीन के विवाद को लेकर शुक्रवार की रात करीब आठ बजे मारपीट होने लगी। हमलावर हुए लोग फायरिंग करना शुरू कर दिए। दोनों पक्ष के लोग पट्टी-चिलबिला मार्ग पर आकर एक दूसरे पर पत्थरबाजी करने लगे। करीब 40 मिनट तक पत्थरबाजी होती रही। जिससे मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया। फायरिंग के दौरान एक युवक दाएं हाथ और बाएं पैर में गोली लग गई।
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खमपुर के प्रधान इशरत और पड़ोसी निजाम के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। प्रधान इशरत कई बार देल्हूपुर थाने में निजाम के खिलाफ शिकायत भी कर चुके हैं। बृहस्पतिवार को भी दोनों के पक्षों के बीच जमीन के विवाद को लेकर कहासुनी हुई थी। चर्चा है कि शुक्रवार को इशरत ने गांव स्थित मस्जिद में रोजा इफ्तार पार्टी रखी थी। पार्टी के बाद निजाम पक्ष के लोगों द्वारा हमले की जानकारी इशरत को हुई। पार्टी समाप्त होते ही इशरत और निजाम के पक्ष मस्जिद के पास पहुंच गए। दोनों पक्ष आमने सामने होने पर विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते दोनों के बीच मारपीट शुरू हो गई। हमलावर हुए लोग फायरिंग शुरू कर दिए। जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। मारपीट शांत होने के बजाय दोनों पक्षों के लोग पट्टी-चिलबिला मार्ग पर आकर एक दूसरे पत्थर बाजी करने लगे। करीब 40 मिनट तक हुई पत्थरबाजी चलती रही। फायरिंग के दौरान अल्ताफ (35) के दाएं हाथ और बाएं पैर में गोली लग गई। वहीं मारपीट में मो अनीश (30), रूस्तम (32) और कपूम (38) गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को मेडिकल कॉलेज लाया गया। थाना प्रभारी राधेश्याम त्यागी ने बताया कि मामले की जानकारी होने पर पुलिस घटनास्थल पहुंची थी। मेडिकल कॉलेज भी पुलिस पहुंच गई थी। पूर्व में की गई शिकायत की जानकारी नहीं है।

विवाद की जानकारी के बाद भी पुलिस नहीं थी सक्रिय



ग्राम प्रधान इशरत ने कई बार जमीन विवाद की शिकायत देल्हूपुर पुलिस से की थी। इसके बावजूद पुलिस ने केवल मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई के बजाय शिकायत को ठंडे बस्ते में डाल दी थी। जिसका परिणाम यह हुआ कि शुक्रवार को दोनों पक्षों के बीच फायरिंग के साथ जमकर पत्थरबाजी हुई। क्षेत्र में हुई फायरिंग और मारपीट की भनक पुलिस नहीं लग पाई। आस पास के लोग घायलों को मेडिकल कॉलेज पहुंचाए। काफी देर तक मेडिकल कॉलेज स्वास्थ्य कर्मी भी पुलिस का इंतजार करते रहे। हालांकि पुलिस की देरी को देख स्वास्थ्य कर्मचारियों ने इलाज शुरू कर दिया। करीब एक घंटे के बाद पुलिस मेडिकल कॉलेज पहुंची।
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