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एक चिंगारी शहर में मचा सकती है तबाही

Thu, 29 Mar 2018 11:07 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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सांकेतिक तस्वीरें
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शहर के भीड़भाड़ और अतिव्यस्त इलाकों में जर्जर तार लटक रहे हैं। गर्मी के मौसम में शार्टसर्किट या तारों के टकराने से निकलने वाली चिंगारी कभी भी शहर में तबाही मचा सकती है। अभी तीन दिन पहले ही शार्ट सर्किट के चलते शहर में तीन दुकानें जलकर राख हो गई थीं। हर समय खतरा मंडरा रहा है, लेकिन बिजली विभाग ने आंखें मूंद रखी हैं।
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शहर की बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए तमाम प्रयास किए गए। आरएडीपीआरपी योजना के तहत करोड़ों रुपये विद्युत व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए खर्च कर दिए गए। व्यवस्था कितनी सुदृढ़ हुई, इसकी कहानी मोहल्लों और अतिव्यस्त इलाकों में झूलते तार बयां कर रहे हैं। अब तक लोकल फॉल्ट व शार्ट सर्किट से महज विद्युत व्यवस्था बाधित होती थी, मगर अब इसके चलते शहर में अगलगी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता है। पंजाबी मार्केट, सदर बाजार, खान मार्केट, फल मंडी, श्याम बिहारी गली, गल्ला मंडी आदि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर लटकते व झूलते तारों को दुरुस्त नहीं किया जा सका है।

यहां सुबह से देरशाम तक खासी चहल पहल रहती है। दुकानों पर खरीदारी को लेकर ग्राहकों की भीड़ उमड़ी रहती है। यहां अक्सर शार्ट सर्किट व लोकल फाल्ट से बिजली व्यवस्था बाधित रहती है। इसके अलावा तारों के टकराव से जब तक चिंगारी भी निकलती रहती है। गर्मी के दिनों में ऐसी घटनाएं और भी बढ़ जाती हैं। तारों से निकलने वाली चिंगारी कभी भी शोला बन सकती है।
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इसके अलावा आजाद नगर, बेगमवार्ड, अचलपुर, स्टेशन रोड, रूपापुर, दहिलामऊ, बेल्हादेवी मंदिर, पूरे ईश्वरनाथ, सहोदरपुर, भंगवा सहित दर्जनभर मोहल्ले ऐसे हैं, जहां शार्ट सर्किट की वजह से लोगों के उपकरण फुं कते रहते हैं। साथ ही छिटपुट अगलगी की घटनाएं भी होती रहती हैं। मगर गर्मी के दिनों में अब यह लोगों के लिए आफत से कम नहीं है। अभी हाल में बाटा गली मेें हुई अगलगी की घटना का मंजर देख बाजारवासियों एवं मुहल्लेवासियों की जान सांसत में है। लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही इस अव्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया तो गर्मी में किसी बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता है।

शहर में कई बार आग की लपटें मचा चुकी हैं कोहराम
शहर में कई बार शार्ट सर्किट के चलते अगलगी की घटनाएं हो चुकी हैं। पटाखा गोदाम का धमाका, रूई फैक्ट्री की आग यादकर आज भी लोग सिहर उठते हैं। इसके अलावा शार्ट सर्किट से कई दुकानें जलकर राख हो चुकी हैं। घटनाओं के बाद जब विद्युत विभाग की लापरवाही पर सवाल उठते हैं तो अधिकारी कोरम पूरा कर काम चला लेते हैं।

विभाग को अब याद आई अव्यवस्था
आग लगने पर कुआं खोदना। यह कहावत विद्युत विभाग के अफसरों पर सटीक बैठती है। शहर में अब जब शार्ट सर्किट से अगलगी की घटनाएं शुरू हुई हैं तो प्रशासन को इन अव्यवस्थाओं को दूर करने की याद आई है। आननफानन में प्रस्ताव बनाकर भेजा जा रहा है। बताया जा रहा है कि जल्द ही बजट आने पर इसे दुरुस्त करा लिया जाएगा।
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