पट्टी। आसपुर देवसरा ब्लॉक में प्रमुख के चुनाव के दौरान शनिवार को हुए बवाल के मामले में पुलिस ने सपा के पूर्व विधायक राम सिंह पटेल, जिलाध्यक्ष छविनाथ यादव समेत 411 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। रातभर दबिश देने के बाद पुलिस ने 17 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उधर, सपाइयों ने पुलिस पर घरों में तोड़फोड़ का आरोप लगाया है।
आसपुर देवसरा ब्लॉक प्रमुख चुनाव के दौरान शनिवार को फर्जी वोटिंग का आरोप लगाते हुए सपा कार्यकर्ता बैरियर के पास धरने पर बैठ गए। आसपुर देवसरा थानाध्यक्ष समेत पुलिसकर्मियों से विवाद के बाद लोग उग्र हो गए। पुलिसकर्मियों पर पथराव करते हुए लाठी-डंडे लेकर दौड़ा लिया। पुलिसकर्मी जान बचाकर भाग निकले। उग्र भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने के साथ ही फायरिंग करनी पड़ी। तब जाकर उपद्रवी तितर-बितर हुए। इस मामले में देर रात देवसरा थानाध्यक्ष नरेंद्र सिंह की तहरीर पर पुलिस ने पूर्व विधायक राम सिंह पटेल, सपा जिलाध्यक्ष छविनाथ यादव, महासचिव अब्दुल कादिर जिलानी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष प्रमोद मौर्य, जिला पंचायत सदस्य विजय यादव, पूर्व प्रमुख माधुरी के बेटे कुलदीप यादव, प्रमोद पटेल, पूर्व जिला पंचायत सदस्य रमाशंकर पटेल समेत 161 नामजद व 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला, बलवा, 7 सीएलए एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।
पुलिस ने रात में ही दबिश देकर उपद्रव करने वाले लोगों को दबोच लिया। पुलिस ने वीरेंद्र यादव, बृजेश यादव, नीरज यादव, अमर बहादुर, प्रमोद कुमार यादव ,लाल बहादुर निवासी केवटली, अमन यादव, वीरेंद्र प्रताप यादव सुरेश कुमार, राधेश्याम यादव, विजय बहादुर यादव, सचिन यादव, गया प्रसाद यादव, शिवकुमार यादव, बड़ेलाल निवासी धरौली, बृजेश यादव, शुभम यादव निवासी भीखमपुर थाना देवसरा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उधर, सपाइयों का आरोप है कि पुलिस ने घरों में तोड़फोड़ की। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी सुरेंद्र प्रसाद द्विवेदी ने बताया कि आरोपियों को वीडियो फुटेज के सहारे चिह्नित किया जा रहा है। तोड़फोड़ के आरोप गलत हैं।
पथराव में बाल-बाल बचे, रात में घायल हो गए थानाध्यक्ष समेत अन्य पुलिसकर्मी
आसपुर देवसरा ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में हुए बवाल के दौरान पुलिसकर्मी व इंस्पेक्टर देवसरा पथराव में बाल-बाल बच गए थे। हैरत की बात यह है कि रात में सीएचसी में मेडिकल कराने पहुंचने वाले पुलिसकर्मी खुद को घायल बताने लगे। पथराव में थानाध्यक्ष देवसरा, दरोगा विवेक कुमार यादव, मुन्नीलाल, तिलक सिंह व राजेंद्र सिंह, सिपाही मुकेशचंद्र गुप्ता, सचिन यादव, उमेश गौतम, महिला आरक्षी श्रद्घा त्रिपाठी, सुमित सिंह, राजनारायण पटेल, अंजनी सिंह, भीमराव, माधवेश राय, श्वेता शर्मा, मोनिका, पुनीत, रेखा यादव, प्रवीण राय व अन्य पुलिसकर्मियों को चोटें आईं।
पहले भीड़ को उकसाया, फिर चुपके से खिसक लिए थानेदार
आसपुर देवसरा ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में हुए बवाल के लिए देवसरा थानाध्यक्ष कम जिम्मेदार नहीं है। उनकी लापरवाही से पुलिसकर्मियों की जान खतरे में पड़ी। घटना के समय मौजूद लोगों के अनुसार, फर्जी वोटिंग होने का आरोप लगाते हुए कुछ लोगों ने आपत्ति जताई। जिसके बाद बैरियर पर मौजूद थानाध्यक्ष देवसरा नरेंद्र सिंह की लोगों से तकरार होने लगी। वहां मौजूद लोग थानाध्यक्ष को ही जिम्मेदार ठहराने लगे। इस दौरान थानाध्यक्ष भीड़ को धमकाने लगे। एसओ के रवैए से भीड़ बेकाबू होने लगी। मौका देख इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह दूसरे पुलिसकर्मियों को आगे कर खुद वहां से खिसक लिए।
युवक को प्रधानपति ने पीटा, पुलिस ने पीड़ित को ही हवालात में डाला
रखहा। कंधई थाना क्षेत्र के सरायभवानी का रहने वाला संजय कुमार ( 38) पंचायत चुनाव में प्रधान पद का प्रत्याशी था। उसे चुनाव में बैठाने के लिए कुछ लोगों ने प्रयास भी किया, मगर वह तैयार नहीं हुआ। इसी रंजिश में शनिवार की शाम शौच से लौटते समय प्रधानपति ने उसे संजय को रोक लिया। अपने साथियों के साथ पीटकर अधमरा कर दिया। आरोप है कि पिटाई के दौरान पति को बचाने के लिए पत्नी सावित्री पहुंची तो हमलावरों ने उसे भी पीट दिया। शोरशराबा सुनने के बाद आई परिवार की सेजल, चंद्रिका प्रसाद, कंचन देवी को भी पीटा। दूसरे पक्ष से गोमती देवी, सरिता को भी चोटें आईं। घायल संजय का उपचार कराने के बजाय पुलिस ने उसे हवालात में डाल दिया।