राज्य सूचना आयोग के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में दाखिल किया था वाद
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने राज्य सूचना आयोग के आदेश के खिलाफ दायर वाद में याची पॉलिटेक्निक के पूर्व प्राचार्य पर 10000 रुपये का जुर्माना लगाया है। दस दिन के अंदर जुर्माने की राशि जमा कराने का आदेश देते हुए सूचना आयोग से एक माह के अंदर प्रत्यावेदन को निस्तारित करने को कहा है। यह आदेश न्यायमूर्ति विवेक चौधरी और न्यायमूर्ति मनीष कुमार की पीठ ने दिया है।
जिले के राजकीय पॉलिटेक्निक चिलबिला में तैनात रहे पूर्व प्राचार्य राजेश चंद्रा से उन्नाव जिले के रहने वाले छात्र अरुण तिवारी ने कुछ सूचनाएं मांगी थी। प्राचार्य के देने से इन्कार करने पर छात्र ने राज्य सूचना आयोग का दरवाजा खटखटाया।
तत्कालीन राज्य सूचना आयुक्त नरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने 25 हजार रुपये अर्थदंड लगाते हुए वेतन से कटौती करने को कहा था। प्राचार्य के पुनर्विलोकन प्रत्यावेदन को राज्य सूचना आयोग ने निरस्त कर दिया था। इसके बाद पूर्व प्राचार्य ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में वाद दायर कर न्याय मांगा था। वर्तमान में राजेश चंद्रा लखनऊ में तैनात हैं।