Pratapgarh News : फर्नीचर कारखाने में लगी आग।
- फोटो : अमर उजाला।
कागज व पॉलीथिन जलने से आग की लपटें विकराल हो गईं। प्लाई, फर्नीचर और अन्य सामान भी जलने लगा। कारखाना में काम कर रहे मजदूरों ने पहले बिजली आपूर्ति बंद की फिर वेल्डिंग में प्रयुक्त गैस सिलेंडर को बाहर किया। शोर शराबा सुनकर आसपास के लोग दौड़े लेकिन तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था। बाल्टी और डिब्बों से पानी डालने की स्थिति भी समाप्त हो चुकी थी।
नगर कोतवाली के सगरा में फर्नीचर के कारखाने में लगी आग।
- फोटो : अमर उजाला।
सूचना मिलने पर पुलिस लाइन से पहुंचे फायरब्रिगेड के दो टैंकरों से आग पर काबू पाने के लिए पानी डाला जाने लगा। आग पर काबू मिलता न देख मानधाता, अंतू, पट्टी व रानीगंज थाने से भी टैंकर(दमकल गाड़ियां) बुलाई गईं। अफरा-तफरी व भगदड़ के बीच छह टैंकर की मदद से आग पर किसी तरह से काबू पाया जा सका। आग के बीच से सामान निकालने के दौरान कुछ कर्मचारी भी मामूली रूप से झुलस गए। वहां मौजूद तमाशबीनों को हटाने में पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी।
नगर कोतवाली के सगरा में फर्नीचर के कारखाने में लगी आग को बुझाता दमकलकर्मी।
- फोटो : अमर उजाला।
घरों में लगे पानी के पंपों से लिया गया पानी
आग पर काबू पाने के लिए छह दमकल तो लगी थीं,लेकिन पानी खोजे नहीं मिल रहा था। सिविल लाइंस पुलिस चौकी की टीम ने कारखाना के आसपास मकान में रहने वाले लोगों से पानी की मोटर चलवाई। पाइप लेकर दमकल में पर्याप्त पानी की व्यवस्था कराई। कारखाना के पास तंग गली की वजह से सभी दमकल के वाहन 50 मीटर पहले सिटी रोड के पास ही खड़े थे। फर्नीचर कारखाने में आग लगने की वजह से पीड़ित इरशाद बदहवास था। कारखाना के भीतर आग पर काबू पाने का यंत्र था, लेकिन समय पर वह कर्मचारियों के हाथ नहीं लगा।
फर्नीचर के कारखाने में आग लगने के बाद जुटी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला।
कई जनपदों में की जाती है फर्नीचर की आपूर्ति
आगामी दिनों में सहालग है। ऐसे में जिले के व्यापारियों के साथ ही रायबरेली, अमेठी, जौनपुर, बादशाहपुर व भदोही जनपद तक कारखाना से फर्नीचर की आपूर्ति करने की तैयारी थी। इरशाद के मुताबिक सहालग की वजह से मांग थी। उसी के अनुसार तैयार फर्नीचर आग में जल गए हैं। कारखाना संचालक के मुताबिक आग से करीब 70 लाख का नुकसान का अनुमान है। लोगों ने बताया कि सगरा गांव के आसपास फर्नीचर का कारोबार होता है इससे गुणवत्ता युक्त व कम लागत के फर्नीचर की डिमांड गैर जनपद के व्यापारी करते हैं।