बदलते मौसम में वायरल बुखार कहर बरपा रहा है। बुखार के साथ बदन दर्द, गले में खराश, सांस लेने में परेशानी लेकर मरीज मेडिकल कॉलेज पहुंच रहे हैं। चिकित्सक तापमान में तेजी से उतार-चढ़ाव बीमारी का कारण बता रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में बुखार रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। तीन सौ की जगह इन दिनों सात सौ के करीब मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन डॉ. वकील अहमद ने बताया कि मौसम में बदलाव होने के समय यदि रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है तो इसका सीधा असर स्वास्थ्य पर पड़ेगा। ऐसे मौसम में संक्रामक बीमारियां होने की आशंका अधिक रहती है।
वायरल संक्रमण की चपेट में न सिर्फ युवा आ रहे हैं, बल्कि बच्चे और बुजुर्ग भी हैं। सभी इस बुखार से पीड़ित हैं। बुखार के साथ बदन दर्द और मरीजों को ठंड लग रही है। दवा लेने के बाद भी यह बुखार कम से कम 8 से 10 दिन का समय ले रहा है। ऐसे मरीजों से न सिर्फ मेडिकल कॉलेज की ओपीडी भरी है। बल्कि जिले के सरकारी के साथ प्राइवेट अस्पताल में भी बुखार पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। उन्होंने बताया कि मौसम में बदलाव के साथ बुखार और बदन दर्द के मरीज बढ़ रहे हैं।
इस मौसम में स्वास्थ्य को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए। ठंडी खाद्य और पेय पदार्थ का सेवन नहीं करना चाहिए। बुखार होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर परामर्श लेना चाहिए।
- बिना डॉक्टर की सलाह किसी भी दवा का सेवन न करें।
- घर पर बने खाद्य पदार्थों का सेवन करें।
- गुनगुने पानी का सेवन करें।
- गले में खराश होने पर गुनगुने पानी से गरारे करें।
- पंखा व कूलर का प्रयोग न करें।
- ठंडे पानी, आइसक्रीम से दूरी बनाकर रखें।