यूरिया के लिए जिले के किसान 10-10 किमी की दौड़ लगा रहे हैं। साधन सहकारी समितियों से चक्कर लगाकर थक चुके किसानों को निजी दुकानों से खाद लेनी पड़ रही है लेकिन वहां भी उपलब्धता नहीं है। वहीं, किसानों की लंबी लाइन देख सचिव पुलिस के आने के बाद ही खाद वितरित कर रहे हैं। जहां पुलिस नहीं पहुंची वहां वितरण नहीं हुआ। वहीं, हफ्ते भर में 25 मीट्रिक टन खाद आने की उम्मीद है।
बीते दो दिनों में 30 साधन सहकारी समितियों पर 440 मीट्रिक टन (एमटी) यूरिया भेजी गई लेकिन वितरण नहीं हुआ। रानीगंज में बृहस्पतिवार को किसानों ने यूरिया के लिए हाईवे पर प्रदर्शन किया। वहीं, निजी दुकानों पर यूरिया लेने के लिए किसान 100 रुपये तक अतिरिक्त दाम दे रहे हैं। शुक्रवार को हुई पड़ताल में पता चला कि कई साधन सहकारी समितियों पर खाद महीनों से नहीं पहुंची।
जिला कृषि अधिकारी कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक जनपद में कुल 170 साधन सहकारी समितियां हैं। पड़ताल में विकासखंड बाबा बेलखरनाथ धाम के सहकारी समिति खूंझीकला में खाद नहीं है। मोहनगंज, सुखपालनगर, बढ़नी, बहोरिकपुर, फेनहा, लालगंज, चकबनतोड़, बड़नपुर समेत 130 समितियों पर यूरिया नहीं है।
हर दिन 15 से 20 समितियों पर तीन से चार सौ बोरी यूरिया की भेजी जा रही है लेकिन इसके बाद भी वितरण नहीं हो रहा है। बीते साल 26 हजार मीट्रिक टन यूरिया का वितरित हुआ जबकि इस बार 37 हजार मीट्रिक टन यूरिया की बिक्री हो चुकी है।
किसान परेशान, लगा रहे चक्कर
अमरौना के किसान शिवम तिवारी ने बताया कि कई दिन से यूरिया के लिए समितियों के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन कहीं पर भी खाद नहीं है। रानीगंज भी गए लेकिन यूरिया नहीं मिली। श्रीकांतपुर के गौतम वर्मा ने बताया कि समशेरगंज के पास 100 रुपये अतिरिक्त दाम देकर खाद ली।
जनपद में खेती के आंकड़े
फसल- इस साल - बीते साल
धान-1.43 लाख हेक्टेयर -1.30 लाख हेक्टेयर
उड़द-10 हजार हेक्टेयर- 15 हजार हेक्टेयर
तिलहन-08 हजार हेक्टेयर- पांच हजार हेक्टेयर
मक्का- 03 हजार हेक्टैयर- 2500 हेक्टेयर
तिल-05 हजार हेक्टेयर- 3500 हेक्टेयर
मूंग-2500 हेक्टेयर- 1500 हेक्टेयर
साधन सहकारी समितियों पर यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है। 10 हजार मीट्रिक टन यूरिया की खपत अधिक हो चुकी है। इस बार जिले में अधिक धान की रोपाई की गई है। - अशोक कुमार, जिला कृषि अधिकारी