कोतवाली के धधुआ गाजन गांव में दो बेटों की सर्पदंश से मौत के तीसरे दिन उनके पिता पर भी सांप ने हमला बोला। फुफकार के बाद बेहोश हो गए। गनीमत रही कि इलाज के बाद वह बच गए। क्योंकि दहशत की स्थिति में लोग हार्ट अटैक का शिकार हो जाते हैं।
पुत्र अर्नव (07) व अगम (09) की मौत की खबर सुनकर रविवार को ही बबलू यादव चंडीगढ़ से घर आए थे। वह किसी प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। बुधवार की सुबह बबलू घर के सामने बने शौचालय में शौच के लिए गए थे। जहां बेहोश हो गए। हल्ला मचा कि सांप ने काट लिया। उन्हें लालगंज ट्रामा सेंटर ले जाया गया।
इलाज के दौरान चिकित्सकों ने स्पष्ट कर दिया कि सांप ने नहीं काटा। दो घंटे के उपचार के बाद उन्हें होश आया। परिजनों को उन्होंने घटना की जानकारी दी। हालत में सुधार होने पर परिजन बबलू को घर ले गए। बेटों के बाद पिता पर सांप के हमला करने से परिवार के लोग खौफ में है।
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सही समय पर अस्पताल पहुंचे, बच जाएगी जान
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. मनोज खत्री ने बताया कि सांप काटने के अधिकांश मामलो में लोग हार्टअटैक का शिकार हो जाते हैं। बेहतर होगा कि घबराने के बजाय अस्पताल पहुंचकर उपचार कराएं। सांप काटने के मामले में सही समय पर अस्पताल पहुंचने से जान बचाई जा सकती है।
बुलाया गया सपेरा
लालगंज। सांप के हमले के बाद परिजन व ग्रामीण दहशत में है। परेशान ग्रामीणों ने जहरीले सर्प को पकड़ने के लिए सपेरे को बुलाया। सपेरा घर से लेकर आसपास के घरों समेत खेत व झाड़ियों में तंत्र-मंत्र व जड़ी-बूटी से सांप को खोजने का प्रयास करता रहा। लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा। संवाद