Farmers will get relief, rake of 2700 metric tonnes of DAP will come
जिले में डीएपी की किल्लत का सामना कर रहे किसानों को जल्द ही राहत मिलेगी। अगले सप्ताह करीब 2700 मीट्रिक टन डीएपी की रेक जिले में आएगी। इससे सरकारी बिक्री केंद्रों पर खाद की कमी दूर हो जाएगी। फिलहाल अभी तीन दिन और डीएपी का संकट बरकरार रहने की संभावना है।
जिले की साधन सहकारी समितियों और सरकारी बिक्री केंद्रों पर दो दिन से डीएपी नहीं है। इससे किसान मजबूर होकर निजी दुकानों से अधिक दाम पर खरीदने को मजबूर हैं। 17 विकास खंडों में डीएपी की किल्लत को देखते हुए अफसरों ने मुख्यालय से 2700 मीट्रिक टन डीएपी की मांग की थी। रबी के सीजन में सरकारी और निजी दुकानों पर 17,000 मीट्रिक टन डीएपी बिक्री का लक्ष्य है।
अभी तक जिले में 11,256 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध हो चुकी है। तीन दिन से साधन सहकारी समितियों और सरकारी बिक्री केंद्रों पर डीएपी नहीं है। समितियों के ओर से लगातार डीएपी की मांग की जा रही है। डीएम के प्रयास से प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन पर रैक लगाने की अनुमति मिलते ही डीएपी का संकट जल्द दूर होने की उम्मीद बढ़ गई है।
वहीं किल्लत होने से निजी दुकानों में बेखौफ नकली डीएपी की बिक्री की जा रही है। किसान नकली खाद लेकर ठगा जा रहा है। वहीं किसान संबंधित विभाग से शिकायत कर समस्या के समाधान की मांग की है। मंडलीय रबी गोष्ठी में बृहस्पतिवार को जिले में डीएपी का संकट का मामला जोर-शोर से उठा। डीएम ने कहा कि खाद की समस्या अगले सप्ताह तक समाप्त हो जाएगी।
जिले में डीएपी की रेक अगले सप्ताह आएगी। डीएपी आते ही साधन सहकारी समितियों पर भेज दी जाएगी। किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। अगले सप्ताह तक समस्या का निराकरण हो जाएगा।- अरविंद प्रकाश, एआर, सहकारिता