बाबागंज के भैसाना गांव में ऋण की नोटिस आने के बाद हार्टअटैक से मरे भैयाराम के परिजन।
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एक लाख से कम का कर्ज होने के कारण नहीं मिला था सरकार की ऋणमाफी योजना का लाभ
नोटिस मिलने के बाद से ही हो गया थ गुमसुम, परिवार समेत कच्चे मकान में करता था निवास
कुंडा। महेशगंज थाना क्षेत्र के भैसाना गांव में बैंक से कर्ज अदायगी के लिए आए नोटिस से सदमे में मरे वृद्ध का ऋण ब्याज बढने के कारण 40 हजार से बढक़र 67 हजार रुपये हो गया था। नोटिस देखने के बाद ही वह गुमशुम रहने लगा। गुरुवार को हार्ट अटैक के चलते उसकी मौत हो गई। उसने जिला कृषि अधिकारी से मिलकर ऋणमाफी के लिए गुहार लगाई थी, लेकिन एक लाख से कम कर्ज होने के कारण उसे सरकार की ऋणमाफी योजना का लाभ नहीं मिला था। उसके बेटे की भी मौत हो चुकी है। इसके चलते वह बहू और उसके बच्चे की भी जिम्मेदारी उठा रहा था।
महेशगंज थाना क्षेत्र के भैसाना गांव निवासी भैयाराम मौर्य (62) पुत्र देवतादीन ने वर्ष 2015-16 में एसबीआई की राजापुर शाखा से 40000 का ऋण लिया था। धीरे-धीरे ब्याज बढने के कारण उसका कर्जा बढक़र 67 हजार रुपये हो गया। इसके बाद प्रदेश में बनी भाजपा सरकार की ऋणमाफी योजना के अंतर्गत उसका ऋण माफ नहीं हुआ। इस पर वह तत्कालीन जिला कृषि अधिकारी देवेंद्र सिंह से 2018 में मिलने गया। प्रार्थना पत्र देकर ऋणमाफी योजना का लाभ दिए जाने की मांग की थी। कृषि अधिकारी के आश्वासन के बाद घर आ गया और निश्चिंत होकर रहने लगा। बावजूद इसके उसका ऋण एक लाख रुपये से कम होने के चलते माफी की श्रेणी में नहीं आया। अभी कुछ दिन पहले बैंक ने उसे नोटिस भेजा तो वह गुमसुम हो गया। इसके बाद हार्ट अटैक के चलते उसकी मौत हो गई। परिजन उसकी मौत का कारण ऋण माफी न हो पाने को बता रहे हैं। उसके पास ढाई बीघा जमीन है। मृतक की पत्नी कमला देवी ने बताया कि उसके दो पुत्र हैं। बड़े पुत्र कमलेंद्र कुमार की मौत वर्ष 2018 में मानिकपुर के पास टेंपो और ट्रक की भिड़ंत में हो गई थी।
कमलेंद्र की पत्नी सुनीता अपने तीन बच्चों शुभम, शिवम और खुशी के साथ उनके साथ ही रहती है। उनके पूरे खर्च की जिम्मेदारी मृतक के ही ऊपर थी। दूसरे पुत्र अमित कुमार के दो बच्चे हैं, लेकिन वह अपना अलग दो कमरे का मकान बनाकर रहता है। मृतक के पास कच्चा मकान है, जो बरसात में भरभराकर पूरी तरह ढह गया था। मृतक किसान अपने बेटे के परिवार के साथ छोटे पुत्र अमित के मकान में रहकर गुजारा करता था। सडक़ दुर्घटना में पुत्र की मौत के बाद भी उसे कोई मुआवजा नहीं मिला था। ग्राम प्रधानपति भैसाना सीताराम सरोज ने बताया कि मृतक के परिवार के किसी सदस्य का नाम वर्ष 2011 की पात्रता सूची में ना होने के कारण प्रधानमंत्री आवास का लाभ नहीं दिया जा सका। नई सूची में नाम डाला गया है। फिलहाल भैयाराम की मौत के बाद उसके परिवार के सामने गहरा संकट खड़ा हो गया है।