लूट के प्रयास के दौरान चली गोली से हुई मौत के मामले में हिस्ट्रीशीटर का शव आने पर परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। गुरुवार दोपहर बाद से शव घर पर ही पड़ा रहा। शुक्रवार दोपहर बाद एडिशनल एसपी के आश्वासन पर शव अंतिम संस्कार के लिए भेजा गया। इस दौरान एडिशनल एसपी ने निष्पक्ष जांच के साथ ही साक्ष्यों के आधार पर उनकी सभी मांगें मानने की बात कही।
जेठवारा थाना क्षेत्र के सबलगढ़ डेरवा गांव निवासी दिलीप जायसवाल उर्फ सुनील पुत्र मोहनलाल प्रापर्टी डीलिंग के सिलसिले में लखनऊ गया था। लौटते समय जेठवारा के खटवारा गांव के कुछ पहले ही एक मैजिक से आए लोगों ने उसकी आर्टिका गाड़ी रोक ली। आरोप है कि डाला से उतरे लोग हाथपाई और फायरिंग करने लगे तो उसने भी लाइसेंसी पिस्टल से गोली चला दी। इस दौरान एक गोली चंद्रकांत मिश्र उर्फ मुन्ना घेवड़ा को लगी। तब तक मौका पाकर दिलीप वहां से भागकर थाने पहुंच गया। उधर घायल चंद्रकांत को लेकर उसके साथी घर पहुंच गए। वहां परिजनों के अनुसार अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। इसमें दिलीप ने लूट के प्रयास का तो मृतक की पत्नी ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पोस्टमार्ट के बाद शव घर पहुंचा तो परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया।
मृतक की पत्नी मंजुला की मांग थी कि आरोपियों को जेल भेजा जाए, प्रापर्टी के लिए दिए गए आठ लाख रुपये दिलवाए जाएं और विवेचना महेशगंज थाने से कराए जाने के साथ ही जेठवारा एसओ रहे दिनेश पांडेय को हटाया जाए। दूसरे दिन एएसपी पश्चिमी नीरज पांडेय मौके पर पहुंचे और परिजनों की पूरी बात सुनी। इसके बाद उन्होंने कहा कि विवेचना में दोषी पाए जाने पर सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही अगर परिजन आठ लाख रुपये देने का साक्ष्य देते हैं उसे भी दिलाने का प्रयास किया जाएगा। एसओ दिनेश पांडेय को पहले ही हटा दिया गया है। विवेचना के लिए भी विकल्प दिया कि परिजन जिस थाने से चाहें विवेचना करा सकते हैं। उनके आश्वासन पर शव को अंतिम संस्कार के लिए भेजा गया। इस दौरान महेशगंज, जेठवारा, लालगंज की फोर्स के साथ डेरवा में भी भारी पुलिस फोर्स लगी रही। आक्रोश में लोग कह रहे थे कि शव को दिलीप के घर के सामने गाड़ा जाएगा। इसके चलते डेरवा में शेखपुर चौरास तक भारी पुलिस फोर्स लगा दी गई थी।