बिजली का संकट झेल रहे जिला पुुरुष और महिला अस्पतालों के मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें चौबिस घंटे बिजली की सप्लाई मिलेगी। जिससे उनको बिजली का संकट नहीं झेलना पड़ेगा। बिजली विभाग ने इसकी तैयारी कर ली है। सितंबर माह में दोनों अस्पतालों को 11 हजार की लाइन से जोड़ने की तैयारी है। फिलहाल यह व्यवस्था अस्थाई रहेगी। उसके बाद गड़वारा उपकेंद्र से इसकी सप्लाई जोड़ दी जाएगी।
दोनाें अस्पतालों को चौबीस घंटे मिल सके इसके लिए स्वास्थ्य महकमे ने वर्ष 2013 में ही पहल कर दी थी। इसके लिए अलग से फीडर के साथ लाइन, पोल आदि पर खर्च के लिए 96 लाख रुपये की धनराशि बिजली विभाग को दी गई थी। भुपियामऊ सबस्टेशन से लाइन खींची जानी थी। मगर उस समय इसके रास्ते में तमाम रुकावटें आ गईं, जिसके कारण काम बंद कर दिया गया। दो साल बीत जाने के बाद फिर से अस्पताल की बिजली का मुद्दा गरमाया हुआ है। इस बार योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए शासन स्तर से भी बिजली अफसरों पर दबाव बनाया गया है। इस बार अधिकारियों की बहानेबाजी नहीं चलने वाली है।
पता चला है कि अस्पतालों को चौबीस घंटे बिजली देने के सरकारी प्लान को अमली जामा पहनाने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। इस बार बिजली भुपियामऊ उपकेंद्र से न देकर दहिलामऊ सबस्टेशन से दी जाएगी। 11 हजार लाइन से केबल से दोनों अस्पतालों को फिलहाल जोड़ दिया जाएगा। इस बारे में एक्सईएन एसपी मिश्रा ने बताया कि कार्यप्रगति पर है। अभी फिलहाल चौबीस घंटे बिजली दहिलामऊ से मिलेगी। उसके बाद गड़वारा सबस्टेशन के स्वतंत्र फीडर से दोनों अस्पतालों को जोड़ दिया जाएगा। सितंबर महीने में अस्पताल को चौबीस घंटे बिजली देने की तैयारी है। अभी तक बिजली विभाग को बिजली देने के लिये अलग से फीडर की व्यवस्था नहीं की गई है।