निकाय चुनाव को लेकर सभी की टकटकी अब शासन द्वारा घोषित किए जाने वाले अंतिम आरक्षण पर टिकी है। हालांकि, संभावित प्रत्याशी अपनी तैयारी कर रहे हैं। सभी प्रमुख राजनीतिक दल लगातार बैठकें कर रहे हैं। दावेदार पार्टी के पदाधिकारियों को आवेदन भी दे रहे हैं।
निकाय चुनाव को लेकर शासन ने अनंतिम आरक्षण की घोषणा की थी। इस पर आपत्तियां मांगी थीं। आरक्षण की अनंतिम घोषणा होने के बाद निकाय चुनाव की तैयारी में जुटे काफी नेताओं की उम्मीदों पर पानी भी फिर गया था। हालांकि, अभी शासन द्वारा इसे लेकर अंतिम घोषणा की जाएगी।
ऐसे में कुछ दावेदारों को अभी उम्मीद है कि हो सकता है कि इस घोषणा के हिसाब से आरक्षण में फेरबदल हो जाए। इधर, अभी तक चुनाव की तिथि फाइनल नहीं हुई है, लेकिन संभावित प्रत्याशी लगातार मैदान मथ रहे हैं। भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों के पास सबसे ज्यादा आवेदन आ रहे हैं।
सपा, बसपा, कांग्रेस के नेता भी तैयारी में जुटे हैं। चेयरमैन से लेकर सभासद के टिकट के लिए भी दावेदार जोर आजमाइश कर रहे हैं। ताकि, उन्हें चुनाव के दौरान पार्टी के सिंबल का फायदा मिल सके।