इलाहाबाद कचहरी में अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी दरोगा शैलेंद्र व गोली लगने से घायल सिपाही अरुण नागर के समर्थन में उतरे पुलिसकर्मियों ने अनोखे अंदाज में विरोध जताया। पुलिस लाइन से लेकर थानों तक बने भोजन को पुलिसकर्मियों ने हाथ तक नहीं लगाया। जानकारी के बाद भी अफसर मौन रहे।
इलाहाबाद प्रकरण को लेकर आरोपी दरोगा के समर्थन में उतरे पुलिसकर्मियों ने पहले तो दरोगा की पत्नी के खाते में चंदा एकत्र कर भेजा। तयशुदा कार्यक्रम के तहत शनिवार को पुलिसकर्मियों ने भोजन नहीं किया। पुलिस लाइन से लेकर थानों के मेस तक भोजन अपने समय पर बना लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसे हाथ तक नहीं लगाया। पुलिस लाइन के मेस में हर सुबह खाने के लिए पुलिसकर्मियों की ऐसी भीड़ उमड़ती है कि बावर्ची को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है लेकिन आज मेस में सन्नाटा पसरा हुआ था। लाइन में रहने वाला दरोगा और सिपाही भोजन की जानकारी करने तक नहीं पहुंचे। इससे परेशान रसोइया पुलिसकर्मियों तक भी पहुंचा।
उसकी मानें तो करीब दस लोगों ने यह बताया कि वे व्रत हैं इसलिए भोजन नहीं करेंगे लेकिन लाइन में मौजूदा समय में करीब दो सौ पुलिसकर्मी मौजूद हैं और वे मेस से बराबर दूरी बनाए रहे। यही हाल नगर कोतवाली के मेस का भी दिखा। पुलिसकर्मियों के विरोध प्रदर्शन की भनक लगने के कारण कोतवाली के मेस में केवल खिचड़ी बनाई गई, उसे भी किसी ने हाथ नहीं लगाया। नतीजा पुलिसकर्मियों के लिए बना भोजन बेकार गया। खुफिया विभाग ने यह जानकारी अधिकारियों को भी दी लेकिन वे मौन साधे रहे। पुलिसकर्मियों के विरोध प्रदर्शन की जानकारी लखनऊ में बैठे अधिकारी भी ले रहे थे।