हथिगवां के नौबस्ता झाझामऊ परसीपुर में गोशाला की आड़ में बने फार्म हाउस में संचालित अवैध शराब की फैक्टरी में दूसरे दिन भी खोदाई जारी रही। खुदाई के दौरान ढाई करोड़ रुपये से अधिक कीमत का 78 ड्रम केमिकल बरामद हुआ है। करीब दस करोड़ रुपये कीमत की अवैध शराब, उपकरण व 96 ड्रम केमिकल शुक्रवार की रात ही बरामद हो चुके थे।
हथिगवां थाना क्षेत्र के नौबस्ता परसीपुर झाझा का पुरवा स्थित गोशाला की आड़ में बने फार्म हाउस पर शुक्रवार की शाम पुलिस व आबकारी विभाग की टीम ने छापेमारी की थी। फार्म हाउस में बनी गोशाला में भूसे और पुआल की आड़ में अवैध शराब छिपाई गई थी।
शराब बनाने के लिए लाया गया केमिकल ड्रमों में भरकर भूसे और पुआल के अंदर रखा गया था। फार्म हाउस पर रेक्टिफाइड स्प्रिट के ड्रमों व अवैध शराब और उपकरण को छिपाया था। पुलिस का छापा पड़ने के पहले ही काम करने वाले लोग भाग निकले। एडीजी प्रेम प्रकाश ने बताया कि यह फार्म हाउस गुड्डू सिंह का है। वह व सुधाकर सिंह मिलकर अपने साथियों के साथ अवैध शराब का कारोबार करते हैं। कार्रवाई में करीब 10 करोड़ के कैमिकल और शराब की बरामदगी हुई है।
शनिवार को भी खुदाई के दौरान 78 ड्रम केमिकल बरामद हुआ। जिसकी कीमत करीब ढाई करोड़ रुपये बताई जा रही है। अभी फार्म हाउस समेत अन्य संभावित ठिकानों पर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी से खोदाई का काम चल रहा है।
महेशगंज, संग्रामगढ़ व बाघराय इलाके में भी पुलिस लगातार सक्रिय है। हालांकि अभी पुलिस का आपरेशन गोपनीय तरीके से चल रहा है। पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने बताया कि अभी तक शराब के काले कारोबार में शामिल 45 लोगों को चिह्नित किया जा चुका है। उनकी तलाश में जिले की पुलिस के अलावा प्रयागराज पुलिस की टीम दबिश दे रही है। सभी लोगों की संपत्ति कुर्क होगी। ऐसे लोगों को संरक्षण देने वालों के खिलाफ भी शिकंजा कसा जाएगा। सभी के मोबाइल की काल डिटेल खंगाली जा रही है।
आईजी की सर्विलांस टीम दे रही दबिश
फरार शराब माफिया की गिरफ्तारी के लिए प्रतापगढ़ के अलावा प्रयागराज की पुलिस टीम भी दबिश दे रही है। कार्रवाई में लगी टीमों को बताया जा चुका है कि किसकी गिरफ्तारी अहम है। आईजी की सर्विलांस टीम आरोपियों की लोकेशन ट्रेस करने के साथ ही अपने सहयोगियों को दबिश के लिए भेज रही है।
आश्रम के नाम जमीन पर चल रही थी शराब की फैक्ट्री
जिले के हथिगवां थाना क्षेत्र में नौबस्ता परसीपुर के बीच झाझामऊ में शुक्रवार को करीब दस बीघे में फैले फार्म हाउस से पुलिस ने करोड़ों रुपये की अवैध शराब समेत अन्य सामग्री बरामद की।
फार्म हाउस में काले धंधे को छिपाने के लिए शराब माफिया ने उसे गोशाला का रूप दिया था, ताकि किसी को यहां होने वाले कारोबार के बारे में शंका न हो सके। शराब फैक्ट्री पकड़े जाने के बाद तहसील प्रशासन ने रात में ही फार्म हाउस की पड़ताल शुरू की। जिसमें चौंकाने वाली बात सामने आई। छानबीन में यह बात सामने आई कि जिस भूमि पर यह फार्म हाउस बना है वह चकबंदी के पहले तक राधा कृष्ण रामजानकी कुटी कृष्ण वन के प्रबंधक हरिशरण दास ब्रह्मचारी फलाहारी चेला देवदास के नाम अंकित थी।
करीब 40 साल पहले हुई चकबंदी के बाद यह भूमि राधा कृष्ण राम जानकी कुटी कृष्ण वन के प्रबंधक बाबा जगन्नाथ दास के नाम पर अंकित हो गई। राजस्व अधिकारियों के अनुसार अब तक यह जमीन खाली पड़ी थी। दो साल पहले उस पर फार्म हाउस बनाया गया। उसी फार्म हाउस को गोशाला का रूप देकर उसके अंदर अवैध शराब का कारोबार शुरू किया गया। इस जमीन के प्रबंधक के बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है। हर कोई यही चर्चा करता रहा कि आखिर आश्रम का प्रबंधक कौन है। उन्हें इस काले कारोबार की जानकारी है या नहीं। जमीन को किराए पर तो नहीं दिया गया है। फिलहाल तहसील प्रशासन भी अभी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
कंप्यूटर से पुलिस को मिले राज, कहां-कहां होती थी सप्लाई
हथिगवां के परसीपुर झाझामऊ में स्थित फार्म हाउस में कंप्यूटर लगा था। इसके चलते यह प्रतीत होता है कि इस जगह से शराब को बनाने के बाद डिस्ट्रीब्यूट होती रही है। सूत्रों के अनुसार कंप्यूटर से शराब की सप्लाई किन-किन स्थानों पर होती थी। इसके बारे में भी पता चला है। जहरीली शराब से हो रही मौतों के बाद शराब माफिया ने परिसर की भूमि जेसीबी लगाकर खुदवाई और उसी में मिलावटी शराब तैयार करने वाला केमिकल ड्रमों रखवाकर ऊपर से मिट्टी डलवा दी। ताकि वह सुरक्षित रहे।
2700 गत्ते, 133 पेटी बनी हुई शराब बरामद
आईजी केपी सिंह ने बताया कि इस कार्रवाई में 96 ड्रम रेक्टिफाइड स्प्रिट बरामद किया गया है। इसमें शराब बनाने का केमिकल भरा था। प्रत्येक ड्रम की कीमत उन्होंने दो लाख रुपये बताई। लगभग सभी ब्रांड के 36 बोरे ढक्कन मिले हैं।
आईजी के मुताबिक एक लाख 23 हजार शीशियां भी फार्म हाउस के अंदर मिली हैं। इनमें बनाई गई अवैध शराब को भरकर बेचा जाता था। 27 सौ गत्ते एवं 133 पेटी बनी हुई शराब भी मिली है। यह शराब लोकल ब्रांड की बताई गई। इन्हें माफिया जिले के साथ आसपास के कई जनपदों में सप्लाई करता था। झाझामऊ में अस्थायी पुलिस चौकी स्थापित की जाएगी। ताकि दुबारा इस तरह का कारोबार न हो सके।
शराब फैक्ट्री से छह मशीन बरामद
फार्म हाउस में रखे पुआल में छिपाई गई शराब पैकिंग की छह मशीनों को भी पुलिस ने बरामद किया है। इसी के साथ शीशियों पर लगाने के लिए करीब 15 लाख रैपर और बारकोड बरामद किए गए हैं। इन मशीनों से शराब की देशी बोतलों में ढक्कन लगाने का काम किया जाता था। इसके अलावा रैपर को चिपकाकर उस पर टेप लगाया जाता था। पुलिस ने सारा सामान कब्जे में ले लिया है।
शराब माफियाओं के गठजोड़ की खुलेगी कलई, नपेंगे जिम्मेदार
शराब माफियाओं के साथ गठजोड़ करने वालों पर भी अफसर शिकंजा कसने की तैयारी में हैं। सूत्रों के अनुसार फरार शराब माफिया गुड्डू सिंह व सुधाकर सिंह से संबंध रखने वाले पुलिस व दूसरे विभागों के कर्मचारियों की खोजबीन जारी है। ऐसे लोगों के खिलाफ जल्द ही कड़ी कार्रवाई के संकेत मिले हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को ही हल्का दरोगा व दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया है।
हथिगवां के झाझा क पुरवा में खोदाई में मिले केमिकल भरे ड्रम की जांच करते डीआईजी व एडीजी प्रेम प्रक?- फोटो : PRATAPGARH
हथिगवां थाने के झाझा क पुरवा में बरामद शराब व सामान की जांच करते आबकारी विभाग के अधिकारी।- फोटो : PRATAPGARH