जमीयत उलमा के जिला महासचिव मौलाना मोहम्मद फारूख की जमीन के रुपये के लेनदेन में बेरहमी से हत्या करने वाला आरोपी 72 घंटे बाद भी हाथ नहीं लगा है। पुलिस की तीन टीमें रिश्तेदारियों में दबिश पर दबिश दे रहीं हैं। कोर्ट में सरेंडर की भनक लगने के बाद पुलिस ने घेराबंदी भी की लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
अभी तक मुख्य आरोपी चंद्रमणि तिवारी की गिरफ्तारी न होने पर परिजन आक्रोशित हैं। उनका कहना है कि वे सरकार व प्रशासन से इंसाफ की आस लगाए बैठे हैं लेकिन अभी तक उन्हें कोई सार्थक प्रयास नजर नहीं आ रहा है। घटना के बाद से ही गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। आरोपियों के घरों पर पीएसी का पहरा है और मौलाना के घर से कुछ दूरी पर पुलिस की टीम लगातार मुस्तैद है। सीओ सदर अमरनाथ गुप्ता की अगुवाई में पुलिस टीम लगातार गांव में चौकसी बरत रही है। सनसनीखेज वारदात से इलाके के लोगों की नींद गायब है। हर कोई खौफ के साए में जीने को विवश है। घटना के बाद से ही आरोपी के आसपास रहने वाले लोग अपने घरों में ताला बंद कर चले गए हैं। मौलाना की हत्या के बाद पुलिस की मौजूदगी ने ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित कर दिया है। सीओ सदर अमरनाथ गुप्ता ने बताया कि मुख्य आरोपी की तलाश में लगातार पुलिस टीमें प्रयास कर रही हैं। प्रयागराज, कौशांबी में उसकी रिश्तेदारी भी पुलिस दबिश दे चुकी है।
पूर्व सीएम का प्रतिनिधिमंडल 15 को आएगा
जेठवारा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मुख्य मंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर सोनपुर गांव में मौलाना फारुख की हत्या की जांच एवं परिवार के लोगों से मिलने के लिए 15 जून को एक प्रतिनिधिमंडल पहुंचेगा। जिसमे सांसद डॉ.एसपी पटेल, पूर्व मंत्री कमाल अख्तर, विधायक नफीस अहमद, डॉ. आरके वर्मा, राम सिंह पटेल, पूर्व विधायक नागेंद्र सिंह मुन्ना, मोहम्मद शकील नदवी, पूर्व एमएलसी उदय वीर सिंह, कार्यवाहक जिलाध्यक्ष गुलशन यादव, महासचिव अब्दुल कादिर जिलानी शामिल रहेंगे।
अब मदरसे के सैकड़ों बच्चों की कौन संभालेगा जिम्मेदारी
मौलाना मोहम्मद फारूख मजलूम बच्चों की शिक्षा का मुफ्त में बंदोबस्त करते थे। मदरसा में पढ़ने वाले सैकड़ों बच्चों की पढ़ाई, खाने पीने के लिए संसाधन जुटाया करते थे। अब सवाल उठ रहे हैं कि ऐसे बच्चों की जिम्मेदारी कौन संभालेगा।
मुझे इंसाफ चाहिए, कानून के दायरे में रहकर उठाता रहूंगा आवाज
मौलाना फारूख की हत्या से परिवार के लोग गमजदा हैं। उनके बेटे मौलाना असद कासमी का कहना है कि प्रशासन ने 20 घंटे की मोहलत मांगी थी लेकिन अभी तक कोई सख्त कार्रवाई दिख नहीं रही है। वह तो कार्रवाई भी नहीं चाहते थे। अफसरों के आश्वासन पर तहरीर दी। तीन दिन बाद भी ऐसा कुछ नजर नहीं आ रहा है। उनके मरहूम वालिद ने दूसरों की मदद व इंसानियत की राह दिखाई है। जिस पर चलकर वह इंसाफ हासिल करेंगे। चंद्रमणि खेत की निशानदेही संग बकाया रुपये देने के लिए उनके वालिद को बुलाया था। बातचीत के दौरान हत्या कर दी गई। इसके पीछे कौन लोग थे। पुलिस के पहुंचने पर आरोपी भागे लेकिन उनको पकड़ने के बजाय भगाने में अधिक दिलचस्पी दिखाई।
सोनपुर पहुंचे सपा सांसद व विधायक
प्रतापगढ़। जमीयत उलमा के जिला महासचिव व मदरसा संचालक मौलाना मोहम्मद फारूख की हत्या के तीसरे दिन सपा सांसद डॉ. एसपी सिंह पटेल परिजनों से मिलने सोनपुर पहुंचे। मरहूम मौलाना के बड़े बेटे मौलाना मामून, मौलाना अरसद, मौलाना असद को सांत्वना देते हुए कहा कि वह उनके साथ हैं। सांसद ने डीएम-एसपी से बात कर मामले में उचित कार्रवाई करते हुए पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने की बात कही। इस मौके पर पट्टी विधायक राम सिंह पटेल, पूर्व ब्लॉक प्रमुख पति मोहम्मद हफीज उर्फ (फिज्जू भाई), मोहम्मद हई, वकार अहमद, कादिर जिलानी, सिटी चेयरमैन जकी, जावेद खान, संजय यादव, मुन्ना ककरहा, जुनैद खान, शांति सिंह आदि मौजूद रहीं।