जरूरी दवाओं का अकाल, मरीज परेशान
दवा खत्म होने की जानकारी देकर मरीजों को लौटा रहे संचालक
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। लॉकडाउन के चलते मेडिकल स्टोरों पर आवश्यक दवाओं का अकाल हो गया है। इससे मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। शहर में होम डिलेवरी का दावा करने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों को मांग के अनुरूप दवाएं नहीं मिल पा रही हैं।
कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवा बंद है। इससे जिले के उन लोगों के लिए परेशानी बढ़ गई है जो लंबे समय से बीमार चल रहे हैं। शुगर, हर्ट, और ब्लड प्रेशर या फिर न्यूरो के मरीज परेशान हो रहे हैं। ऐसे लोग लॉकडाउन के चलते घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। पुलिसकर्मियों को बीमारी की जानकारी देने पर मेडिकल स्टोर या फिर अस्पताल तक जाने की अनुमति जरूर मिल जाती है, मगर दवा नहीं मिल रही है। इससे लोग परेशान हो रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में लॉकडाउन के बाद से ओपीडी और दवा काउंटर का ताला नहीं खोला गया। इससे मरीजों को जरूरत की दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। मेडिकल स्टोर संचालक भी दवाएं खत्म होने की बात कहकर लौटा दे रहे हैं। इससे मरीज परेशान हो रहे हैं।
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प्रयागराज, लखनऊ से नहीं आ पा रही दवा
जिले में अधिकतर दवाएं प्रयागराज और लखनऊ से आती हैं। होलसेलर दवाएं मंगवाने के बाद उसे मेडिकल स्टोर पर पहुंचाते हैं। लॉकडाउन के बाद दवाएं मेडिकल स्टोरों तक नहीं पहुंच पा रही हैं।
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बाजार में इन दवा और इंजेक्शन की है कमी
पैरासीटामॉल, एसीलॉक, इफसोड, गार्डिनाल, इफटोइन, एपडोसिन, मेथरजिन, बोवेरान, हिजाबेल के साथ ही हर्ट, शुगर और ब्लडप्रेशर के मरीजों को प्रतिदिन खाने वाली दवा के साथ एंटीरैबिज इंजेक्शन मेडिकल स्टोर पर नहीं मिल रहे हैं। एक मेडिकल स्टोर संचालक ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि होल सेलर से दस पत्ता दवा की डिमांड की जाती है तो वह एक पत्ता ही उपलब्ध कराते हैं।
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लॉकडाउन के चलते होलसेलरों तक दवाएं नहीं पहुंच पा रही हैं। इससे दवाएं नहीं मिल रही हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत उन मरीजों को हो रही है जिनका इलाज प्रयागराज और लखनऊ या फिर दिल्ली में चल रहा है। जो दवा है उसे मरीजों को मुहैया करा रहे हैं। प्रिंट से अधिक दाम कोई नहीं ले रहा है।
डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह, अध्यक्ष, दवा विक्रेता संघ
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दवा लेकर आने वाले वाहनों के लिए शासन ने छूट दे रखी है। दवा पर्याप्त है। यदि मेडिकल स्टोर संचालक मनमानी कर रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिन मेडिकल स्टोर संचालकाें को होम डिलेवरी के लिए पास दिया गया है यदि वे घर तक दवा नहीं पहुंचा रहे हैं तो पास निरस्त कर दिया जाएगा।
राहुल कुमार, ड्रग इंस्पेक्ट्रर।