प्रतापगढ़ : सड़क जाम कर रहे लोगों को समझाती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला।
मृतक के बेटे आजाद की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ करने में जुट गई। पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। बुधवार की सुबह करीब साढ़े आठ बजे आरोपियों की गिरफ्तारी, परिजनों को सरकारी नौकरी व सुरक्षा की मांग को लेकर आक्रोशित परिजन संग ग्रामीण शव लेकर मानिकपुर गोतनी मार्ग पर पहुंचे। इस दौरान पुलिसकर्मिर्यों व ग्रामीणों के बीच शव के लिए धक्कामुक्की होने लगी। जिसमें शव चारपाई से नीचे गिरते गिरते बचा। शव सड़क पर रखकर ग्रामीण मांगों को पूरी करने की जिद पर अड़े रहे। जाम के चलते दोनों तरफ आवागमन बाधित हो गया।
प्रतापगढ़ : शव रखकर सड़क जाम करते ग्रामीण।
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मौके पर पहुंचे एसडीएम सतीशचंद्र त्रिपाठी, सीओ कुंडा अजीत सिंह तीन थानों की फोर्स के साथ सभी को समझाते रहे, मगर परिजन डीएम व एसपी को मौके पर बुलाने की मांग करते रहे। करीब 5 घंटे बाद सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष छविनाथ यादव मौके पर पहुंचे और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी कराए जाने एवं पीड़ित परिजनों को हरसंभव मदद दिलाए जाने का भरोसा दिलाया। परिजनों ने मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्री मांग पत्र एसडीएम को सौंपा। करीब डेढ़ बजे शव के अंतिम संस्कार के लिए परिजन तैयार हो गए। गम और गुस्से के बीच जगन्नाथ की चिता में पत्नी शांति देवी ने मुखाग्नि दी। जिसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली ।
अब मेरी कौन करेगा शादी
मृतक जगन्नाथ की बेटी सोनी बार-बार कहती रही कि अब उसकी शादी कौन करेगा। पिता की मौत का बदला प्रशासन दिलाए। बेटा आजाद बार-बार शस्त्र लाइसेंस, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी व बहन की शादी के लिए खर्च की मांग करता रहा। एसडीएम कुंडा सतीश चंद्र त्रिपाठी ने शस्त्र लाइसेंस दिए जाने तक परिवार की सुरक्षा के लिए पुलिस आरक्षी नियुक्त किए जाने की बात कही।
थाने में बैठकर जानकारी लेते रहे एएसपी
मानिकपुर थाना क्षेत्र के पाटीहार में ग्रामीणों के जाम लगाने की खबर पर एएसपी पश्चिमी रोहित मिश्रा थाने पहुंचे। वहां बैठकर हालात की जानकारी लेेे रहे। पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल भी पल-पल की जानकारी लेते रहे।
शरीर पर नहीं मिले चोट के निशान, मौत की वजह स्पष्ट नहीं बिसरा प्रिजर्व
मृतक जगन्नाथ यादव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल ने किया। पोस्टमार्टम में उसके शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले। गला दबाने की भी पुष्टि नहीं हुई। जिसके चलते पैनल के डॉक्टरों ने बिसरा व हृदय प्रिजर्व करते हुए जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही जगन्नाथ यादव के मौत की सही तस्वीर सामने आएगी।