मेनलाइन की इमरजेंसी रोस्टिंग से जिले में बिजली व्यवस्था लड़खड़ा गई है। ग्रामीण अंचल के अधिकांश उपकेंद्रों से जुड़े गांवों में औसतन प्रतिदिन आठ से 10 घंटे तक बिजली कटौती हो रही है। रात आठ से सुबह सात बजे के बीच हो रही इमरजेंसी रोस्टिंग के कारण उपभोक्ताओं की नींद गायब हो गई है। साथ ही लोकल फॉल्ट ने परेशानी को और भी बढ़ा दिया है। जिस कारण ग्रामीण अंचल में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का रोस्टर भी धड़ाम हो गया है।
मंगलवार को शाम सात बजे से ही कुंडा, जलालपुर, सकरदहा, जहानाबाद, संग्रामगढ़, चौसा समेत ग्रामीण अंचल के अन्य कई उपकेंद्रों पर मेनलाइन ब्रेकडाउन होने के कारण बिजली गुल हो गई। रात करीब 2:28 बजे मेनलाइन फिर से ब्रेकडाउन हो गई। इसकी जानकारी अफसरों ने सोशल मीडिया ग्रुप पर दी। कुछ देर के लिए आपूर्ति बहाल हुई लेकिन सुबह 6:50 बजे तक बिजली आपूर्ति ठप रही।
सराय आना देव के प्रशांत सिंह ने बताया कि रात के समय कई बार में बिजली कटौती की जाती है। जिस कारण नींद पूरी नहीं हो पा रही है। वहीं, बिजली निगम के आंकड़ों के अनुसार, जिले में बिजली की खपत अगस्त के सापेक्ष करीब 15 फीसदी तक बढ़ी है। महीने में बिजली की खपत 155 मिलियन यूनिट तक पहुंच गई है।
वर्जन:-
मेनलाइन ब्रेकडाउन और लोकल फॉल्ट के कारण आपूर्ति बाधित हो रही है। सभी उपकेंद्र के जेई को रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति के निर्देश दिए गए हैं।
छैल बिहारी, अधीक्षण अभियंता