शिवगढ़ विकास खंड के प्राइमरी स्कूल बुढौराकुंभापुर में आयोजित चौपाल में ग्रामीणों की समस्याएं सुनने पहुंचे मंडलायुक्त डॉ. आशीष गोयल को जब पता चला कि चार साल से बिजली का बिल नहीं आ रहा है। यह सुनते ही उनका पारा चढ़ गया। उन्होंने एक्सईएन अंकित श्रीवास्तव, एसडीओ संतोष पटेल और जेई दीपक सिंह की चौपाल ही क्लास लगाई। सभी को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ ही शनिवार को गांव में कैंप लगाकर बिल वितरित करने को कहा।
बुढ़ौराकुंभापुर गांव में आंगनबाड़ी भवन नहीं होने पर सीडीपीओ राकेश चौरसिया को फटकार लगाते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी पवन कुमार यादव से जानकारी ली, मगर उनके नहीं बोलने पर मंडलायुक्त ने फटकार लगाते हुए पीओ और सीडीपीओ को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है। गांव में 45 हैंडपंपों की स्थापना होने और 35 हैंडपंपों के पानी नहीं देने पर बोरिंग टेक्नीशियन को फटकार लगाई।
मंडलायुक्त ने बीडीओ विवेक कुमार सिंह से पूछा कि ग्राम पंचायत में कितने पुरवे हैं, पहले तो तीन और बाद में चार बताने पर वह भडक़ गए और खरी-खोटी सुनाई। प्राइमरी स्कूल बुढौरा तक पिच मार्ग नहीं होने पर लोक निर्माण विभाग से अविलंब मुख्यमार्ग से जोडने को कहा। मंडलायुक्त अनुसूचितजाति की बस्ती में गए और लाभार्थियों से जानकारी हासिल की। इस मौके पर सभी विभागों के जनपदीय अधिकारी मौजूद रहे।
मंडलीय टीम ने देखा निर्माण कार्यो की गुणवत्ता
मंडलायुक्त के निर्देशन में गठित टीम ने शुक्रवार को जिले भर का भ्रमण करके निर्माण परियोजनाओं का जायजा लिया। पचास लाख रुपये की अधिक लागत से निर्मित हो रहे भवनों की गुणवत्ता जांच की रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया है।
कमियां छिपाने के लिए मीडिया कर्मियों को रखा गया दूर
मंडलायुक्त ने सरकारी महकमें की कमियों को छिपाने के लिए मीडिया कर्मियों को महिला अस्पताल में अंदर घुसने पर मना कर दिया। जिला महिला और पुरुष अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचने पर डीएम, सीएमओ और सीएमएस के अलावा किसी भी अधिकारी को अंदर जाने से रोक दिया गया।
हालांकि शुक्रवार का निरीक्षण सिर्फ कागजी कोरम पूरा करने के लिए था, वह गहराई में जाकर जानकारी करने के बजाय, अफसरों की बातों पर विश्वास करते गए। विकास भवन पहुंचने पर अफसरों की नजरों से ही देखते रहे। अफसरों ने जो बताया उसी पर चुप्पी साध रखे। विकास भवन का शौचालय गंदा होने के बावजूद देखना उचित नहीं समझा।
तहसील, कोतवाली में इंतजार करते रहे अफसर
विकास भवन के बाद मंडलायुक्त द्वारा सदर तहसील और नगर कोतवाली में निरीक्षण करने की मंशा जताई थी। तहसील में एडीएम शत्रोहन वैश्य और एसडीएम सदर विजय पाल सिंह पहले ही पहुंचकर तैयारियों को अंतिम रूप देकर आने की प्रतीक्षा करने लगे।
इधर एसपी अभिषेक सिंह नगर कोतवाली में मौजूद रहे। इसी बीच खबर मिली कि वह शिवगढ़ विकास खंड के बुढौरा गांव जा रहे हैं। इधर तहसील, कोतवाली और कलेक्ट्रेट के कर्मचारी रात भर साफ-सफाई करते रहे।
डीडीओ को फटकारा, हटवाई दुकानें
मंडलायुक्त का पारा शुक्रवार को उस समय चढ़ गया, जब विकास भवन के पीछे देखने पहुंच गए। चौकीदार ने सब्जी की दुकान लगा रखी थी। डीडीओ को फटकार लगाते हुए बोल पड़े कि खेती करा रहे हो। डीडीओ ने सफाई दी, मगर उसे अनसुनी कर दी। इधर विकास भवन के बाहर स्थित चाय-पान की दुकानों को तुरंत हटाने को कहा।
विकास भवन में गंदगी पर डीडीओ को प्रतिकूल प्रविष्टि, लिपिक निलंबित
विकास भवन के निरीक्षण में गंदगी मिलने और टूटी टाइल्स होने पर मंडलायुक्त ने डीडीओ सुदामा प्रसाद को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ ही समाज कल्याण विभाग के कनिष्ठ लिपिक ईश्वर शरण के गायब रहने पर निलंबित करने को कहा है। उन्होंने कार्यालयों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा है।
मंडलायुक्त डॉ. आशीष गोयल ने शुक्रवार को महिला और पुरुष अस्पताल के निरीक्षण में गंदगी देखकर सीएमएस को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने नामित एजेंसी के भुगतान में कटौती करने को कहा है। मरीजों की लंबी देखकर इलेक्ट्रानिक डिवाइस से नंबर लगाने की व्यवस्था करने को कहा। विकास भवन के समाज कल्याण विभाग में बगैर प्रार्थना पत्र के गायब मिले ईश्वर शरण को निलंबित करने को कहा है।
स्थापना लिपिक मनोज कुमार के संतोषजनक उत्तर नहीं देने पर फटकार लगाते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि थमाई। सहायक निबंधक कार्यालय में गंदगी देखकर फटकार लगाते हुए साफ-सफाई करने का निर्देश दिया। विकास भवन में आवास बनाकर रहने वाले चौकीदार को बाहर रहने को कहा है। इस मौके पर डीएम मार्कण्डेय शाही, सीडीओ डीपी सिंह, डीडीओ सुदामा प्रसाद, डीएसटीओ आरके सिंह प्रमुख रूप से मौजूद रहे।