जिले में अब तक कुंडा, लालगंज व मुख्यालय सहित तीन विद्युत वितरण खंडों से बिजली व्यवस्था का संचालन किया जा रहा था। अब रानीगज में एक और डिवीजन तैयार होने जा रहा है। इसके बनने से विद्युत वितरण खंड प्रथम का दायरा कम होगा। इससे जहां रानीगंज व पट्टी क्षेत्र के उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, वहीं विद्युत व्यवस्था में भी सुधार दिखेगा।
जिले में बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए विभाग की तरफ से कवायद जारी है। शुरू में जिले की बिजली व्यवस्था को दो विद्युत पारेषण खंड प्रतापगढ़ व कुंडा में बांटा गया था। प्रथम पारेषण खंड के दायरे में 32 उपकेंद्र थे, जबकि द्वितीय में 28। दोनों विद्युत वितरण खंड के अंतर्गत करीब 3 लाख उपभोक्ता हैं। प्रथम में सदर, पट्टी, रानीगंज का क्षेत्र जुड़ा था। जबकि कुंडा में कुंडा एवं लालगंज के साथ ही सदर का भी कुछ हिस्सा जुड़ा हुआ था। दायरा बड़ा होने की वजह से उपभोक्ताओं को बहुत परेशानी उठानी पड़ती थी। इसके बाद विद्युत वितरण खंड की संख्या में इजाफा किया गया। उपकेंद्रों पर शिकायतों का निस्तारण न होने पर उपभोक्ताओं को विद्युत वितरण खंड प्रथम कार्यालय पर जाना होता था। लंबा परिक्षेत्र एवं काम का भार अधिक होने की वजह से अधिकारी भी दौड़ते रहते थे। ऐसे में दूरदराज से आने वाले उपभोक्ताओं को निराशा ही हाथ लगती थी। सबसे ज्यादा समस्या बिल जमा करने में छूट योजना की घोषणा के बाद देखने को मिलती थी। कार्यालय पर बिल जमा करने को मेला लगा रहता था। धक्कामुक्की-मारपीट के बाद भी लोग बिल जमा करने से चूक जाते थे। इसके अलावा समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता था। इधर व्यवस्था में सुधार को लेकर लालगंज में भी विद्युत वितरण खंड तृतीय का संचालन शुरू हुआ, जिससे कुंडा विद्युत वितरण खंड का दायरा कम हुआ। मगर विद्युत वितरण खंड प्रथम का दायरे में सुधार नहीं था। अब अब रानीगंज एवं पट्टी के उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। उन्हें नए विद्युत वितरण खंड की सौगात मिलने जा रही है। इसका सृजन रानीगंज में होने जा रहा है, जिसके दायरे में पट्टी तहसील भी शामिल होगी। अधीक्षण अभियंता विनयचंद्र ने बताया कि विद्युत वितरण खंड के सृजन की मंजूरी मिल गई है। जल्द ही इसके सृजन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।