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चुनावी रंजिश दबंगों ने दलित दंपत्ति को कमरे में बंद कर पीटा

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दलित उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज होने से परेशान युवक तीन दिन से थाने के गेट पर धरना दे रहा था। रविवार को गेट से उसे कुछ पुलिसकर्मी अंदर खींच ले गए। आरोप है कि इस दौरान उसकी जमकर पिटाई की गई। इससे उसकी हालत बिगड़ गई। उसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
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संग्रामगढ़ बाजार निवासी अर्जुन गुप्ता ने कुछ दिनों पूर्व संग्रामगढ़ विपणन केंद्र से दुकानों पर जाने वाले राशन की कालाबाजारी के संबंध में फोटो और वीडियो तैैयार की थी। यह बात कुछ लोगों को नागवार गुजरी। आरोप है कि साजिश के तहत रामपुर दाबी निवासी राधेश्याम सरोज से उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया। इस पर वह 26 जून को धरने पर बैठ गया। अधिकारियों ने उसे यह कहते हुए उठाया कि जांचकर सही कार्रवाई की जाएगी। बाद में हीलाहवाली होने पर उसने एक जुलाई से थाने के सामने धरना देना शुरू कर दिया।
रविवार की सुबह करीब 10 बजे वह थाना गेट पर धरने पर बैठा था। इस दौरान थानाध्यक्ष समेत कुछ पुलिसकर्मी गेट पर पहुंचे और उसे पकड़ कर घसीटते हुए थाने के अंदर ले गए। आधे घंटे बाद थाने के पुलिसकर्मी उसे इलाज के लिए सीएचसी संग्रामगढ़ ले गए। वहां से गंभीर दशा में चिकित्सकों ने उसे मेडिकल कालेज के लिए रेफर कर दिया।
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पीड़ित अर्जुन गुप्ता का आरोप है थाना गेट से ले जाकर थानाध्यक्ष समेत पुलिसकर्मियों ने उसके साथ जमकर मारपीट की। घटना के संबंध में थानाध्यक्ष का कहना है कि अर्जुन गुप्ता के साथ किसी प्रकार की मारपीट नहीं की गई है। उन्हें थाने के अंदर बुलाया गया था। इस दौरान उनकी तबीयत खराब हो गई। जिस पर इलाज के लिए भेजा गया।
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