हथिगवां थाना क्षेत्र के भोला का पुरवा बरना में रविवार की आधी रात फुलझरिया देवी (80) की गला दबाकर हत्या कर दी गई। घर में चोरी करने घुसे चोरों का विरोध करने पर बदमाशों ने घटना को अंजाम दिया और भाग निकले।
सुबह परिवार की महिलाएं उनके घर पहुंचीं तो वृद्धा मृत मिली। घर से गहने से समेत अन्य सामान गायब थे। सूचना पर पुलिस फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंची और छानबीन की।
ग्रामीणों के अनुसार, फुलझरिया देवी घर में अकेली रहती थीं। आधी रात बदमाश चोरी की नीयत से उनके घर में घुसे। इस बीच वृद्धा जग गई। विरोध करने पर बदमाशों ने वृद्धा की गला दबाकर हत्या कर दी।
सोमवार सुबह करीब सात बजे तक वह घर से बाहर नहीं निकली। परिवार की महिलाएं गईं। चारपाई पर फुलझरिया का शव देख वह चीख पड़ीं। जानकारी मिलने पर हथिगवां थानाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह पहुंचे। कुछ देर बाद फॉरेंसिक के साथ स्वाट टीम भी पहुंची और साक्ष्य संकलित करने लगी।
पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने घटनास्थल का निरीक्षण कर खुलासे के लिए तीन टीमें गठित की हैं। एएसपी पश्चिमी बृजनंदन राय ने बताया कि चोरी का विरोध करने पर बुजुर्ग महिला की गला दबाकर हत्या की गई। बदमाशों को पकड़ने के लिए तीन टीमें लगाई गई हैं।
25 साल पहले हुई थी पति की मौत
फुलझरिया देवी के पति भगवत प्रसाद की 25 साल पहले मौत हो गई थी। उनके पांच बेटे स्वामीनाथ, देवता दीन, सीताराम, राम खेलावन, मुन्ना और बेटी कमलेश है। बेटे देवता दीन की कुछ साल पहले मौत हो चुकी है।
बड़ा बेटा स्वामीनाथ मां से 50 मीटर दूर खेत में मकान बनाकर परिवार के साथ रहता है। जबकि बाकी तीनों बेटे गांव में अलग-अलग जगह रहकर मजदूरी करते हैं। पति की मौत के बाद से ही बुजुर्ग अकेली ही रहती थीं।
दामाद ने दी चोरी की जानकारी
घटना की खबर मिलने पर मृतका का दामाद लखनलाल पहुंचे। उसके अनुसार, पड़ोस की महिला के फोन करने पर उन्हें घटना की जानकारी मिली। तब वह पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी। घर के भीतर सामान बिखरा पड़ा था। उसकी सास के कान की बाली, पायल, चांदी की चैन गायब थी।